44. केबिनेट मिशन के साथ डॉ. अम्बेडकर का साक्षात्कार - Page 153

134 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

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केबिनेट मिशन के साथ डॉ. अम्बेडकर का साक्षात्कार

केबिनेट मिशन द्वारा अखिल भारतीय अनुसूचित जाति संघ के एक प्रतिनिधि के रुप में डॉ. भीम राव अम्बेडकर का साक्षात्कार लिया गया इसी प्रकार बाबू जगजीवन राम, राधानाथदास और या पृथ्वी सिंह आजाद के साक्षात्कार अखिल भारतीय वर्ग संघ के सदस्य के रूप में लिये गये। -संपादक मंडल

‘‘अनुसूचित जाति संघ की ओर से डॉ. अम्बेडकर का साक्षात्कार लिया गया था। संविधान सभा में अनुसूचित जाति के प्रतिनिधित्व के तरीके के बारे में की गई पूछताछ के उŸार में उन्होंने कहा कि वे बिल्कुल नहीं चाहते कि संविधान सभा का गठन हो। इसमें सवर्ण हिन्दुओं का वर्चस्व रहेगा और अनुसूचित जाति केवल एक छोटा अल्पसंख्यक होकर रह जाएगी और सदैव मतों के आधार पर हारेगी। हिज मेजेस्टी की सरकार ने अल्पसंख्यकों को सुरक्षा के जो आश्वासन दिए थे, उन्हें बोर्ड द्वारा छोड़ दिया जाएगा।

उनका अपना प्रस्ताव यह था कि संविधान सभा के लिए निर्धारित कार्य दो श्रेणियों में बांट दिए जाएं, अर्थात्

(क) समुचित रुप से संवैधानिक प्रश्न कहे जाने वाले यथा विधायिका और कार्यपालिका के बीच संबंध और उनका गठन तथा संबंधित कार्य, और (ख) सांप्रदायिक प्रश्न। (क) के अंतर्गत आने वाले मामले कमीशन को निर्दिष्ट किए जाएं जिसकी अध्यक्षता ग्रेट ब्रिटेन अथवा अमेरिका के किसी प्रसिद्ध संवैधानिक अधिवक्ता द्वारा की जाए। अन्य सदस्यों में दो भारतीय विशेषज्ञ होने चाहिएं और हिंदू तथा मुस्लिम समुदायों से एक-एक प्रतिनिधि होना चाहिए। भारत शासन अधिनियम, 1935 विचारणीय मद होनी चाहिए और आयोग को यह सिफारिश करनी चाहिए कि विद्यमान अधिनियम में क्या-क्या बदलाव किए जाने चाहिए। मद (ख) के अंतर्गत मामले विभिन्न समुदायों के नेताओं के सम्मेलन को निर्दिष्ट किए जाने चाहिए। यदि सम्मेलन किसी सहमत हल पर नहीं पहुंच पाए तो हिज मेजेस्टी की सरकार को अपना अधिनिर्णय देना चाहिए।