61. लार्ड पैथिक-लॉरेन्स द्वारा प्रधानमंत्री श्री एटली को लिखा गया पत्र - Page 244

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डॉ. भीमराव अम्बेडकर, अनुसूचित जाति नेता, जो इस समय लंदन में हैं, के अनुसार ऐसी संभावना है कि यदि भारत की अनुसूचित जातियों को नई भारतीय सरकार में पृथक प्रतिनिधित्व नहीं मिला तो वे स्वयं को मुस्लिम समुदाय के साथ

खड़ा कर सकते हैं।

डॉ. भीमराव अम्बेडकर, टोरंटों से प्राप्त एक रिपोर्ट पर आज रयूटर के साथ टिप्पणी कर रहे थे कि टोरंटो विश्वविद्यालय के एक भारतीय विद्यार्थी और लाहौर के एक पूर्व संवाददाता श्री अमीन तरीन ने कहा है कि डॉ. अम्बेडकर ने अपने लोगों को सलाह दी है कि यदि वे संतुष्ट नहीं हो पाएं तो वे इस्लाम धर्म अपना लें। ‘‘मैंने इस तरह की कोई सलाह नहीं दी है’’ डॉ. अम्बेडकर ने कहा, ‘‘किंतु ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है’’। भारत में मेरे अनेक व्यक्ति इस प्रश्न पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि कांग्रेस और गांधी जी यह जागरूकता दिखायेंगे और अछूतों को हिन्दुओं से राजनैतिक आजादी दिलाने को सहमत होंगे। बड़े खेद की बात है कि गांधी जी इसे महत्व देने में सफल नहीं रहे हैं।

‘‘यक्तिगत तौर पर, मैं महसूस करता हूं कि गांधी जी और कांग्रेस यदि उन्हें राजनैतिक आज़ादी देते हैं, तो ’’हिन्दुओं और अछूतों के बीच बहुत एकता, सहयोग और भाईचारा हो जाएगा’’, किन्तु यदि गांधी जी और कांग्रेस अछूतों को हिन्दुओं के राजनैतिक प्रभुत्व के अंतर्गत लाना चाहते हैं और उन्हें हिन्दुओं का राजनैतिक दास बनाना चाहते हैं, तो अछूत विद्रोही हो जाएंगे और किसी अन्य समुदाय में शामिल होकर अपुनी मुक्ति का प्रयास करेंगें’’।

1ः दि बॉम्बे क्रानिकल, दि. 2 नवम्बर, 1946