63. पृथक निर्वाचन क्षेत्रों की बहाली - Page 246

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अपने लंदन प्रवास के दौरान डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने हाउस ऑफ कॉमन्स में कंजर्वेटिव इंडियन कमेटी की बैठक को संबोधित किया। 5 नवम्बर, 1946 को आयोजित इस बैठक में लेबर और लिबरल पार्टियों के कुछ सांसद भी शामिल हुए। रिपोर्ट इस प्रकार हैः

संपादक

‘‘लंदनः 6 नवम्बर (यू.पी.आई.)ः डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने कल हाउस ऑफ कॉमन्स में कंजर्वेटिव इंडियन कमेटी की एक बैठक को संबोधित किया जिसमें कुछ लेबर और लिबरल सांसद भी मौजूद थे। प्रेस को वहां आने की अनुमति नहीं दी गई और लगभग एक घंटे तक चली वार्ता के बारे में कुल मिलाकर कुछ दर्ज नहीं हो सका।

तथापि, यह समझा जाता है कि डॉ. अम्बडेकर ने केबिनेट मिशन के कार्य पर अपनी गंभीर निराशा व्यक्त की। उन्होंने उपस्थित सदस्यों को बताया, कि उन्होंने श्री चर्चिल और लार्ड पैथक-लॉरेन्स को जो ज्ञापन सौंपा था, उसमें यह दर्शाने का प्रयास किया गया था कि कांग्रेस अछूतों का प्रतिनिधित्व नहीं करती। उन्होंने स्वयं और महात्मा गांधी द्वारा हस्ताक्षरित पूना समझौते को समाप्त करने की मांग की और मॅक डोनाल्ड के कॉम्यूनल अवार्ड में उल्लेखानुसार पृथक निर्वाचन क्षेत्रों की बहाली की मांग की।

हालांकि, डॉ. अम्बेडकर को थोड़ी उम्मीद है कि वे अपने मिशन में कामयाब होंगे सिवाय इसके कि मि. चर्चिल सŸा में लौटेंगे।

लेबर सदस्यों ने उनसे कुछ नजदीकी प्रश्न पूछे जिनसे प्रतीत होता है कि ‘‘सŸा में आया दल सांप्रदायिक मुद्दे को तूल देने के मूड में नहीं है। उन्हें बताया गया, कि जैसा देखा गया है, वह स्वयं को बदलती परिस्थितियों के अनुसार ढालने का प्रयास करें और संविधान सभा में अपना भाग्य आजमाएं’’।

* परिशिष्ट VI देखें।

1ः बॉम्बे क्रानिकल, दि. 7 नवम्बर, 1946

पुनः मुद्रितः खेरमॉड, खण्ड 8, पृ.140-141