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स्वतंत्र श्रमिक दल

व्यापक समर्थन

डॉ. अम्बेडकर ने बुधवार रात लॉयड ट्राइसटिनों स्टीमर कांटे वर्दे से जेनेवा जाने से पूर्व टाइम्स ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि को बंबई प्रेसिडेन्सी और इसके बाहर दल के बढ़ते प्रभाव और इसे प्रगतिशील तत्वों से प्राप्त व्यापक समर्थन के बारे में बताया।

डॉ. बी. आर. अम्बेडकर दलित वर्ग के नेता के अनुसार उनके द्वारा हाल ही में बंबई में निर्मित स्वतंत्र श्रमिक दल को नये प्रांतीय विधानमंडल के आगामी चुनावों में सफलता की अच्छी संभावना है।

डॉ. अम्बेडकर ने कांग्रेस के इस दावे की कि वह जनता के हितों की रक्षा करेगी उपेक्षा करते हुए सुस्पष्ट कहा कि कांग्रेस में शामिल शोषक कभी भी जनता के लिए कार्य करने नहीं देंगे।

‘‘मैं यह जानकर चकित रूप से सहमत हूं कि स्वतंत्र श्रमिक दल के प्रकाशनों या लक्ष्यों और उद्देश्यों ने सामान्य जनता में पर्याप्त रुचि जागृत की है। डॉ.अम्बेडकर ने यह बात दल के भावी कार्यक्रम के बारे में बहुत सी पूछताछ के संदर्भ में कही।’’

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‘‘दल की एक शाखा पहले ही केंद्रीय प्रांतों में संगठित की जा चुकी है उन्होंने कहा बंबई प्रेसिडेन्सी में भिन्न वर्गों और समुदायों के लोगों ने बड़ी संख्या में उदारता से दल में शामिल होने की प्रतिक्रिया दिखाई है।’’

‘‘दल के आर्थिक कार्यक्रम के साथ ही इसके सामाजिक और शैक्षिक कार्यक्रम, और यह तथ्य कि दल सांप्रदायिकता के आधार पर संगठित नहीं किया गया है, इसे व्यापक स्वीकृति मिली है। हालांकि दल अपनी प्रारंभिक अवस्था में है, इसे प्रेसिडेन्सी में सभी जगह विभिन्न प्रगतिशील तत्वों से व्यापक समर्थन मिल रहा है।’’ मुलभूत मतभेद

कांग्रेस और स्वतंत्र श्रमिक दल के कार्यक्रम और नीति के बीच दो मूलभूत मतभेद थे। कांग्रेस का विधानमंडलों को जीतने का विचार नए संविधान को सामाप्त करना था। दूसरी ओर, स्वंतत्र श्रमिक दल विधानमंडलों में पहुंचकर संविधान को उसके गुणों के आधार पर कार्यरत बनाना चाहता था।