69. स्वतंत्र श्रमिक दल - Page 286

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कालेजों, विहारों, छात्रावासों, पुस्तकालयों, खेल के मैदानों, बौद्ध संस्थानों

आदि को प्रारंभ, स्थापित, संचालित करना और या शैक्षिक और बौद्ध धार्मिक

संघों को सहायता प्रदान करना;

(ग) गरीबों और बौद्धों की शिक्षा के लिए सुविधाएं प्रदान करना;

(घ) अनुसूचित जातियों और इनमें से बौद्ध धर्म में परिवर्तित लोगों में शिक्षा के प्रति

रुचि उत्पन्न करना और विकसित करना और विशेष रूप से इन्हें उच्च शिक्षा

के लिए विशेष सुविधाएं, छात्रवृŸायां और शुल्कमुक्तियां प्रदान करना;

(ड.) विज्ञान, बौद्ध और अन्य साहित्य और ललित कलाओं का संवर्धन करना और

धर्मों के तुलनात्मक अध्ययन का उपयोगी ज्ञान प्रदान करना;

(च) सोसाइटी के लिए संपिŸा खरीदना; पट्टे पर लेना या अन्यथा अर्जन करना

और सोसाइटी के धन का निवेश या व्यवहार ऐसे ढंग से करना जैसा

समय-समय पर निर्धारित किया जाए;

(छ) सोसाइटी के प्रयोजन के लिए मकानों, विहारों, भवनों या निर्माण कार्यों का

निर्माण, रख-रखाव, पुनर्निर्माण, मरम्मत, परिवर्तन, प्रतिस्थापना या पुनःस्थापित

करना;

(ज) सोसाइटी की समस्त या किसी संपिŸा को बेचना, निपटान करना, सुधार करना,

विकास करना, विनिमय करना, पट्टे पर देना, बंधक रखना या अन्यथा अन्य

हस्तांतरित या व्यवहार करना;

(झ) सोसाइटी को या सोसाइटी द्वारा चलाई जाने वाली या संबंधित संस्था या

संस्थाओं के साथ इस तरह से सहयोग करना या उन्हें संबद्ध करना ताकि

सोसाइटी के लक्ष्यों और उद्देश्यों, विशेष रूप से बौद्धों के, की उन्नति हो

सके;

(ञ) सोसाइटी के प्रस्तावित लक्ष्यों और उद्देश्यों को कार्यान्वित करने के लिए

प्रतिभूति सहित या उसके बिना धन एकत्र करना;

(ट) भारत के किसी भी राज्य में सोसाइटी को पंजीकृत कराने या मान्यता दिलाने

के लिए इंतजाम करना और;

(ठ) उपर्युक्त लक्ष्यों और उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए प्रासंगिक या सहायक अन्य

विधिक चीजें और कृत्य करना।