268 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
II अभिदाता और संरक्षक
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अभिदाता और संरक्षक
सोसाइटी को प्रतिवर्ष दस रुपए अभिदान के रूप में देने वाला व्यक्ति सोसाइटी के अभिदाता के रूप में भर्ती होने को पात्र होगा और अभिदाता के विशेषाधिकारों का हकदार होगा।
सोसाइटी को 500/- रुपये या अधिक एक मुश्त राशि देने वाला व्यक्ति सोसाइटी का संरक्षक होने का पात्र होगा और संरक्षक के विशेषाधिकारों का हकदार होगा।
III नियंत्रण और प्रबंध्न
- सोसाइटी में निम्न होंगेः-
( I ) एक शासी निकाय;
( II ) न्यासी मंडल;
( III ) एक सामान्य मूलतः प्रबंध परिषद्य और
( IV ) प्रत्येक कालेज, विहार, स्कूल या अन्य संस्था या इनके समूह के लिए
कार्यकारिणी होगी जैसा कि इनके कार्यों के प्रबंधन के लिए शासी निकाय
निर्णय करेगा।
- शासी निकाय में ग्यारह सदस्य होंगे। इन ग्यारह में से सात व्यक्ति उन बौद्धों में से होंगे जो अनुसूचित जातियों में से बौद्ध धर्म में परिवर्तित हुए हैं।
(क) शासी निकाय को किसी भी व्यक्ति या व्यक्तियों को शासी निकाय का पदेन सदस्य नियुक्त करने की शक्ति होगी जिसके लिए विशेष संकल्प में ऐसी नियुक्तियां करने के प्रयोजन को विनिर्दिष्ट किया गया हो। ऐसे व्यक्ति को किसी भी ऐसे विषय पर मतदान करने का अधिकार नहीं होगा जो उसकी नियुक्ति के कार्य-क्षेत्र या प्रयोजन बाहर होगा।
इस प्रश्न पर जहां कोई विवाद उठेगा कि क्या विषय कार्य-क्षेत्र या प्रयोजन के अंतर्गत आता है तो अध्यक्ष का निर्णय अंतिम होगा।
- न्यासी मंडल में तीन व्यक्ति होंगे जो शासी निकाय द्वारा अपने बीच में से नियुक्त किए जाएंगे। इनमें से कम-से-कम दो वे बौद्ध होंगे जो अनुसूचित जातियों में से परिवर्तित हुए होंगे।