71. केंद्र के कार्य और गतिविधियां - Page 308

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संगठित करेगा ताकि वे अपने वर्तमान स्तर से सामाजिक और सांस्कृतिक रूप में ऊपर उठ सकेंगे, मानवोचित स्थिति प्राप्त कर सकेंगे और शेष भारतीय समुदाय के साथ सामाजिक समता के आधार पर रह सकेंगे। लेकिन मुझे पक्का विश्वास है कि केवल यह ही एक लाभ समाज केंद्र की गतिविधियों से प्राप्त नहीं होगा। बल्कि वह ऐसे सक्रिय, सत्यनिष्ठ और देशभक्त नागरिक तैयार करेगा जो देश के लिए जान न्यौछावर करने के लिए तैयार रहेंगे।

इन्हीं कारणों से मैं सभी को केंद्र के निर्माण में मेरी सहायता करने की अपील कर रहा हूं। यह ठीक ही एक सूक्ति बन गई है कि अछूतों का उद्धार किए बिना देश का उद्धार नहीं हो सकता और उनकी मुक्ति में ही देश की मुक्ति है। मैं सूक्तियों को दोहराते-दोहराते थक गया हूं और अब सूक्तियों को दोहराने का समय नहीं रहा है। अब कार्य करने का समय आ गया है। अब सिर्फ बातें करने का नहीं कार्य करने का समय है। मैंने भारत के राजाओं और लोगों से पूरी गंभीरता से अपील की है और मुझे विश्वास है कि वे पूरी उदारता से इसमें योगदान करेंगे।

ह./-बी. आर. अम्बेडकर

22 पृथ्वी राज रोड,

नई दिल्ली।