72. अखिल भारतीय अनुसूचित जाति संघ का संविधान - Page 311

292 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय भाग- I

प्रवृŸा होने की तिथि

अनुच्छेद-

  1. यह संविधान अखिल भारतीय अनुसूचित जाति परिसंघ का संविधान कहा जा सकता है।

  2. यह जैसा कि भाग IX और X में विनिर्दिष्ट है के सिवाय 1 मई, 1957 को प्रवृŸा होगा।

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भाग-

अनुच्छेद-

  1. परिसंघ के लक्ष्य और उद्देश्य निम्न हैः

( i ) भारत की अनुसूचित जातियों को संगठित करना, शिक्षित करना और उनकी

सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्वतंत्रता के लिए आंदोलन करना और

उन्हें अपने कल्याण और उन्नति के लिए तैयार करना;

( ii ) उनके लिए अवसरों की समानता सुरक्षित करना और उसके द्वारा उन्हें जीवन

के प्रत्येक क्षेत्र में अन्य नागरिकों के साथ समान स्थिति बनाने के योग्य

बनाना;

( iii ) अपने आपको कृषक वर्ग, भूमिहीन मजदूरों और फैक्टरी कामगारों और अन्य

मजदूरी अर्जकों को संगठित करने में लगाना;

( iv ) शैक्षिक क्रियाकलाप शुरू करके, जैसे स्कूल खोलकर उन्हें कला और शिल्प

का शिक्षण देना;

( v ) अनुसूचित जातियों के नैतिक और आध्यात्मिक उत्थान के लिए सभी गतिविधियां

शुरू करना; और

( vi ) देश के विभिन्न भागों में अनुसूचित जातियों पर हो रहे उत्पीड़नों और अत्याचारों

के सभी मामलों का रिकार्ड रखना।