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परिसंघ
गया
एक सौ चौदह और अनुसूचित जाति सत्याग्रहियों को, जिन्हें कल गिरफ्तार किया गया था, आज जेल भेज दिया गया। इस प्रकार प्रारंभ से कैद किए गए सत्याग्रहियों की कुल संख्या 124 हो गई है।
आज के 114 दल में 13 वें महिलाएं शामिल हैं, जिन्हें प्रत्येक को 15/- रुपये का जुर्माना या जुर्माना न देने पर 15 दिन की साधारण कैद की सजा दी गई थी। महिलाओं ने जेल जाने को तरजीह दी।
101 पुरुष सत्याग्रहियों में से 37 को 30/- रुपये का जुर्माना या जुर्माना न देने पर एक माह की साधारण कैद की सजा दी गई और शेष को 50/7 रुपये जुर्माना या जुर्माना न देने पर दो माह की साधारण कैद की सजा दी गई। उन सभी ने जुर्माना भरने से इंकार कर दिया।
मुकदमा यर्वदा जेल में चला जहां प्रदर्शन कारियों को हिरासत में रखा गया था।
मुकदमे के दौरान न्यायालय में गिरफ्तार किए गए लोगों की ओर से अनुसूचित जातियों के हितों के साथ विश्वास-घात करने के लिए ब्रिटिश सरकार और कांग्रेस पर आरोप संबंधी विवरण पढ़ा गया।
विवरण में कहा गया कि कांग्रेस जिसने अपने आपको प्रजातांत्रिक निकाय के रुप में पथभ्रष्ट किया है उसने पूना पैक्ट के समय और क्रिप्स प्रस्तावों और ब्रिटिश केबिनेट प्रस्तावों के दौरान भी अपने समुदाय को धोखा दिया है। पूना पैक्ट द्वारा मंजूर कर दिया गया संयुक्त निर्वाचक गणों के परिणाम हाल के प्रांतीय निर्वाचनों के दौरान सिद्ध हो गए थे जब अनुसूचित जातियों के सर्वाधिक समर्थन वाले उम्मीदवार हार गए थे और कांग्रेस कठपुतलियां सवर्ण हिंदू मतों से निर्वाचित हो गई थी।
सत्याग्रह के आयोजकों ने बाबा जन चौक पर सत्याग्रह कैंप से एक जलूस भी निकाला। जलूस वैलेजली रोड़ पर रेलवे गुड्स डिपो पर पुलिस द्वारा रोका गया था जो परिषद् हॉल से आधे मील की दूरी पर है।
प्रदर्शन कारियों को श्री जी.एच.काले, सदस्य विधान सभा ( बंबई ) ने संबोधित करते हुए उनका आहवान किया कि वे अपने आंदोलन को तब तक जारी रखें जब तक वे अपनी लड़ाई को जीत नहीं जाते। श्री काले ने कहा कि उन्हें उनकी मांगों
के साथ पूर ी सहानुभूति है।