453
| Col1 | Col2 | Col3 |
|---|---|---|
| Col1 | Col2 |
|---|---|
| ¼7½ lgk;rk&fufèk | Col2 | Col3 | Col4 | Col5 |
|---|---|---|---|---|
| gk;rk~~&~~fufèk | gk;rk~~&~~fufèk | gk;rk~~&~~fufèk | gk;rk~~&~~fufèk | gk;rk~~&~~fufèk |
| Col1 | Col2 |
|---|---|
डॉ. अम्बेडकर ने बताया है कि विख्यात मराठी विद्वान श्री जे.आर. अजगांवकर को उनके 60वें जन्मदिन पर उसके मित्रों एवं प्रशंसकों द्वारा सहायता-राशि प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
डॉ. अम्बेडकर ने यह भी बताया है कि श्री अजगांवकर ने प्राचीन साहित्य के अध्ययन को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया था, इससे इन्हें कोई बड़ा प्रतिफल प्राप्त नहीं हुआ है।
उनके द्वारा मराठी साहित्य को समृद्ध बनाने के सफल प्रयासों में यह पाया गया है कि वह वृद्ध विद्वान अपने 61वें साल की दहलीज पर निर्धन एवं निःसहाय रूप में खड़ा है। कुछ समय पूर्व कुछ अत्यन्त खेदजनक घरेलू विपत्ति ने मराठी साहित्य प्रेमियों के लिए अनिवार्य कर दिया है कि संकट की घड़ी में वयोवृद्ध कुशल विद्धान का साथ दे तथा संकट के समय उसकी सहायता करें।
डॉ. अम्बेडकर नागरिकों से अनुरोध करते हैं कि सहायता राशि के लिए अपना अंशदान यथासंभव शीघ्र भेजें।
हस्ता./बी. आर. अम्बेडकर
बम्बई क्रानिकल, दिनांक 14 जुलाई, 1939
तिथि उल्लेखित नहीं है - संपादक