HI/Volume_37 - Page 17

  1. 21.7.1942 मैं आपके साथ रहूंगा। 280
  2. 22.7.1942 मैं देश की आजादी की अपनी इच्छा के लिए किसी 281

के आगे नहीं झुकता।

  1. 23.8.1942 मैं चाहता हूं, शासन की लगाम आपके हाथ में हो। 283
  2. 3.11.1942 वर्तमान अव्यवस्था से केवल भारतीयों का अहित। 285
  3. 12.1.1943 गैर-ब्राह्मण पार्टी को फिर से संगठित होना चाहिए। 287
  4. 17.1.1943 थलसेना, नौसेना और वायुसेना में भर्ती हों। 288
  5. 2.5.1943 गांधी और जिन्ना को अवकाश ग्रहण कर लेना चाहिए। 289
  6. 10.5.1943 युद्धोत्तर काल में गरीबी सहन नहीं की जाएगी। 292
  7. 10.5.1943 श्रमिकों के हाथों में स्वराज आ सकता है। 293
  8. 5.12.1943 अधिकारों का उपयोग करने योग्य बनो। 294
  9. 31.1.1944 अनुसूचित जातियों को हिंदुत्व त्याग देना चाहिए। 295
  10. 26.8.1944 अनुसूचित जातियों के समक्ष प्रश्न है- ‘अभी या कभी नहीं’। 297
  11. 20.9.1944 दलित वर्ग हिंदू समाज का अंग नहीं है। 299
  12. 20.9.1944 मैं राष्ट्रवाद का विरोधी नहीं हूं, किंतु .... 303
  13. 23.9.1944 एकता का महत्त्व सर्वोपरि है। 308
  14. 24.9.1944 मैं भारत के देश भक्तों से बहुत आगे था। 310
  15. 24.9.1944 भारत का इतिहास बौद्ध धर्म और ब्राह्मण धर्म के संघर्ष 321

के अलावा अन्य कुछ नहीं है।

  1. 24.9.1944 गांधी प्रांतीय स्वायत्तता से संतुष्ट थे। 324
  2. 28.9.1944 हम इस देश के भाग्य-विधाता हैं। 325
  3. 2.1.1945 विद्यार्थी यह देखें कि उपाधि से सकारात्मक ज्ञान भी मिले। 327
  4. 3.1.1945 देश के लाखों गरीबों के लिए संपन्नता की व्यवस्था की नींव रखिए। 329
  5. 3.1.1945 आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्था में समाचार-पत्र सुशासन का 330

मूल आधार है।

  1. 7.4.1945 अनुसूचित जातियों को संगठित होना चाहिए। (पीपुल्स हेराल्ड) 334
  2. 6.5.1945 आदिवासी जनजातियों के लिए एक कानूनी आयोग होना चाहिए। 335
  3. 20.5.1945 भारत की स्वंतत्रता का लक्ष्य निर्विवाद है। 340
  4. 3.10.1945 मनुष्य को राजनीतिक दृष्टि से जागरूक बनाने के लिए 342

सुविचारित प्रयत्न कीजिए।

  1. 30.11.1945 अगस्त 1942 में सरकार की कार्रवाई न्यायोचित थी। 344
  2. 16.1.1946 गांधी जी का इनकार। 345
  3. 17.2.1946 अनुसूचित जातियों की मांगे एक निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय 346

न्यायाधिकरण के पास भेजी जाएं।