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  1. 12.3.1946 दलित वर्ग की उपेक्षा। 349
  2. 13.8.1946 अनुसूचित जातियों को जहां का तहां छोड़ दिया गया। 350

(जय भीम)

  1. 14.4.1947 मैं अपने लोगों के साथ इस देश के प्रति भी निष्ठावान हूं। 351
  2. 25.9.1947 अल्पसंख्यक को हमेशा मनाना चाहिए, उस पर कभी हुक्म 355

नहीं चलाना चाहिए।

  1. 14.1.1948 सार्वजनिक भाषण-कला विकसित की जा सकती है। 363
  2. 10.4.1948 मनु अथवा याज्ञवल्क्य के देवी कानूनों के कारण, 364

हिंदू समाज कभी अपना सुधार नहीं कर सका।

  1. 24/25.4.1948 एक नेता, एक दल, एक कार्यक्रम के अनुसार संगठित हों। 367
  2. 16.1.1949 किसी समुदाय की प्रगति हमेशा उसकी शिक्षा पर निर्भर है। 374
  3. 11.1.1950 हिंदू कोड बिल, सिविल संहिता की दिशा में एक सही कदम था। 375
  4. 11.1.1950 हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भारत फिर से गुलाम न बने। 376
  5. 27.1.1950 महाराष्ट्रियन राष्ट्र के प्रति अधिक निष्ठावान, अधिक 380

कर्तव्यपरायण हैं।

  1. 2.5.1950 धर्म को हर व्यक्ति, विरासत से नहीं, बल्कि तार्किक 381

ढंग से जांचे-परखे।

  1. 26.5.1950 नास्तिक लोगों को अष्टांगी ( eight-fold ) पथ ग्रहण 383

कर लेना चाहिए।

  1. 6.6.1950 बौद्ध धर्म से लोकतंत्र और समाजवादी पद्धति के समान का 385

मार्ग प्रशस्त हुआ।

  1. 29.9.1950 मैं अपना शेष जीवन बौद्ध धर्म के पुनरुत्थान और उसके 389

प्रसार में लगाऊंगा।

  1. 26.12.1950 बिल का उद्देश्य, स्त्रियों की सामाजिक प्रगति का था। 390
  2. 12.6.1951 अनुसूचित जातियों को राजनीतिक अलगाव छोड़ देना चाहिए। 391
  3. 27.10.1951 मैं उस चट्टान की भांति हूं, जो पिघलती नहीं, बल्कि नदियों 393

की दिशा बदल देती है।

  1. 28.10.1951 संसदीय लोकतंत्र के असफल होने से विद्रोह, अराजकता 400

और साम्यवाद का जन्म होगा।

  1. 28.10.1951 यदि हमारे प्रतिनिधि नहीं चुने जाएंगे, तो स्वाधीनता एक 407

ढोंग बन जाएगी।

  1. 29.10.1951 अपना लक्ष्य पाने के लिए गरीबों को अलग से एकजुट होना होगा। 416
  2. 7.11.1951 हमें अपने भाई बंधुओं को बचाना चाहिए। 424
  3. 20.11.1951 मैंने इस्तीफा पहले क्यों नहीं दिया। 426
  4. 22.11.1951 फेडरेशन एक स्वतंत्र इकाई बनी रहेगी 429