- 24.11.1951 हिन्दू कोड बिल से स्त्रियों की दशा में सुधार होगा 431
- 25.11.1951 लोगों का आलसी और उदासीन बने रहना बुरी बात है 432
- 26.11.1951 लोगों की भलाई के लिए प्रशासन का स्वच्छ होना आवश्यक है 434
- 23.12.1951 गठबंधन विरोध के लिए 436
- 31.5.1952 देश का हित मेरे हृदय में सर्वोपरि है 437
- 28.9.1952 मेरा सम्पूर्ण ध्यान फेडरेशन के लिए भवन निर्माण करने 445
पर केंद्रित है
- 15.12.1952 विश्वविद्यालय शिक्षा को आधुनिक विश्व की आवश्यकताओं 446
को पूरा करने का जरिया समझें छात्र
138 22.12.1952 लोकतंत्र को सफलतापूर्वक चलाने के लिए शर्तें 447 139. 24.12.1952 ज्ञान मनुष्य के जीवन की बुनियाद है 460 140. 25.12.1952 महिलाओं की सामाजिक प्रगति में महिला नेताओं की अरुचि 461 141. 25.12.1952 मैं कड़े कदम उठाऊंगा 462 142. 12.1.1953 उस्मानिया विश्वविद्यालय ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर को 463
सम्मानित किया
- 15.2.1953 यदि बुद्ध के उपदेशों को आत्मसात नहीं किया गया तो 466
यूरोपीय संघर्ष का इतिहास एशिया में दुहराया जाएगा 144. 2.5.1953 तथाकथित उच्च वर्गों का सफाया हो जाएगा 467 145. 27.5.1953 जब तक वर्ग विहीन और जाति विहीन समाज का निर्माण 468
नहीं होता, भारत में कोई प्रगति नहीं होगी।
- 3.6.1953 आलोचनाओं से विचलित न हों 469
- जुलाई, 1953 राजनीति राष्ट्र के जीवन का सर्वस्व और सर्वसमाप्ति 470
- 16.11.1953 हम केंद्र सरकार के खिलाफ भी अखिल भारतीय भूमि 471
सत्याग्रह जारी रखेंगे
- 24.1.1954 धर्म के नाम पर पैसा बटोरकर बर्बाद करना अपराध है। 473
- 3.10.1954 मेरा जीवन दर्शन 476
- 28.10.1954 मैं गौतम बुद्ध, कबीर, महात्मा फुले का भक्त हूं तथा ज्ञान, 477
आत्म-सम्मान और चरित्र का पुजारी हूं
- 4.12.1954 भारत में बौद्ध आन्दोलन एक रूपरेखा 479
- 25.12.1954 बुद्ध ही पाण्डुरंग थे 486
- 5.2.1956 बुद्ध धर्म में और जैन धर्म में अंहिसा के जो उपदेश 487
अलग-अलग दिये गए हैं उनमें अंतर है
- 12.5.1956 मुझे बुद्ध धर्म क्यों प्रिय है 488
- 24.5.1956 भारत में बुद्ध धर्म की लहर कभी कमजोर नहीं होगी 490