68. 24.9.1941 शिक्षित व्यक्तियों को सेना में शामिल होना चाहिए। - Page 242

221

68

f'k f{ kr
O; fD r ;
d k
l su
“kk fe y
gk su
p kfg,

‘‘महार समुदाय के तत्वावधान में ‘महार बटालियन’ पर डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने 24 सितंबर, 1941 को रात के लगभग 9.15 पर आर. एम. भट्ट हाई स्कूल, परेल में एक सार्वजनिक भाषण दिया। लगभग 500 महारों ने इस बैठक में भाग लिया।’’

डॉ. अम्बेडकर ने कहा कि यह बैठक इसलिए आयोजित की गई है कि उनके समुदाय के शिक्षित लोगों को सेना में भर्ती होने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। भारत सरकार ने उन्हें यह वायदा किया था कि पिछले महायुद्ध में 111, महार बटालियन द्वारा दर्शाई गई जबरदस्त बहादुरी के कारण एक महार बटालियन स्थापित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उपर्युक्त बटालियन इसलिए खत्म कर दी गई थी कि उस बटालियन के अधिकारी जो अधिकतर उच्च जाति के हिंदू और मुसलमान थे उन्होंने यह शिकायत की थी कि सिपाही सैनिक कार्य के लिए निरर्थक थे। वक्ता ने कहा कि इसी कारण उन्होंने सरकार से महार बटालियन में महार अधिकारी नियुक्त करने का आग्रह किया था। इसलिए उन्होंने श्रोताओं से आमतौर पर तथा विशेष रूप से उनसे जो शिक्षित थे, सेना में भर्ती होने का अनुरोध किया।

उनका भाषण रात को लगभग 10 बजे समाप्त हुआ।’’ ख्1,

इस विषय पर डॉ. बी. आर. अम्बेडकर के भाषण में अतिरिक्त आयाम भी थे जिन्हें ‘टाइम्स आफ इंडिया’ द्वारा रिपोर्ट किया गया था। ये आयाम इस प्रकार थेः

‘‘डॉ. अम्बेडकर ने कहा कि इस तथ्य के बावजूद कि स्थानीय सरकार द्वारा प्रांत के नासिक, खानदेश तथा अन्य जिलों में कार्यान्वित ‘वतनदार’ प्रणाली के कारण उनके साथ कठोर व्यवहार किया गया था, पर यह ऐसा समय नहीं था जबकि महार अपना सहयोग रोक लें। पिछले युद्ध के बाद महार बटालियन का विघटन कर दिया गया था और जो महार सेना में भर्ती हुए थे, उनके लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई। हाल ही में उन्होंने सरकार को एक अभ्यावेदन भेजा था कि महार बटालियन

1 बी.एस.ए., 25 दिसंबर, 1941