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तदनुसार डी. जी. जाधव, आर. एल. बिस्वास, बी.ए., बी.एल., एमएलए (बंगाल), राय साहेब शामलाल, पूर्व एमएलसी (इलाहाबाद), उत्तर प्रदेश; के. एच. शेंद्रे, बी.ए., एलएल.बी, नागपुर, (मध्य प्रांत); गोपाल सिंह, एमबीई, एमएलए; पंजाब सरकार के संसदीय सचिव, कुर्मियाह, बी.ए., बी.एल., एमएलए (मद्रास, आंध्र); ए. डी. राय, एमएलसी (बंगाल) और पी. एन. राजभोज, पूना (बम्बई) ने इस संकल्प को प्रस्तावित, अनुमोदित और समर्थित किया। इसके पश्चात जी. टी. मेशराम ने कहा, ‘‘अखिल भारतीय दलित वर्ग सम्मेलन के तीसरे सत्र के निर्वाचित अध्यक्ष राव बहादुर एन. शिवराज के द्वारा अध्यक्ष का आसन ग्रहण करने संबंधी इस संकल्प को इस सम्मेलन में हर प्रकार से विधिवत प्रस्तुत, नियमपूर्वक अनुमोदित और समर्थित किया गया है। अब मैं इस पर मतदान कराता हूं। वे जो इसके पक्ष में हैं अपने हाथ उठाकर अपना समर्थन को दर्शाएंगे। (सभी ने हाथ उठा दिया)। यदि कोई विरुद्ध है तो वह अपना हाथ उठाकर अपना अनुमोदन को दर्शाएगा। कोई विरोध नहीं है, अतः संकल्प सर्वसम्मति रूप से पारित हो गया है। अब मैं राव बहादुर एन. शिवराज से अध्यक्ष पद ग्रहण करने का अनुरोध करता हूं। राव बहादुर एन. शिवराज ने हर्ष ध्वनि के बीच अध्यक्ष की कुर्सी संभाली और स्वागत समिति के अध्यक्ष द्वारा उनको हार पहनाया गया।’’
इसके पश्चात राव बहादुर एन. शिवराज हर्ष ध्वनि के बीच सम्मेलन को संबोधित करने को उठे।
अपने अध्यक्षीय भाषण की समाप्ति होने के पश्चात राव बहादुर एन. शिवराज ने घोषणा की, विषय समिति की बैठक मोहन पार्क होटल के हाल में प्रातः 9 बजे होगी। सभी प्रतिनिधि जो यहां आए हैं, वे विषय समिति गठित करेंगे। आज डॉ. अम्बेडकर को सुनने की आपकी बड़ी इच्छा को ध्यान में रखते हुए मैं डॉ. अम्बेडकर से विषय समिति की बैठक के पूर्व आपको संबोधित करने के लिए अनुरोध करता हूं। स्वागत समिति के अध्यक्ष इस बात को आपको मराठी भाषा में स्पष्ट करेंगे।
तब श्री जी. टी. मेशराम ने कहा, अध्यक्ष की इच्छा के अनुसार मुझे यह घोषित करने में अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि हमारे महान नेता डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने रात भर की यात्रा और अपने खराब गले के बावजूद आज पहले अंग्रेजी और फिर मराठी में बोलने के लिए अपनी सहमति दे दी है। आपको यह जान लेना चाहिए कि पिछली रात जहां कहीं भी उनकी ट्रेन रुकती थी, हमारे लोग भारी संख्या में उनके स्वागत के लिए पहुंच जाते थे इसलिए वे रास्ते में बिल्कुल सो नहीं सके। आपको बिल्कुल शांति रखनी होगी ताकि उनके गले पर अधिक दबाव न पड़े।