5. 8.8.1930 एक देश, एक संविधान एक और भाग्य की भावना से जुड़े लोग स्वाधीन होने का जोखिम उठाते हैं। - Page 36

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प्रान्तीय स्वागत समिति से प्राप्त सुझावों के आधार पर सामाजिक, शैक्षणिक, युवा वर्ग व और महिलाओं की सभाओं का आयोजन भी इस अधिवेशन के साथ ही करने का निर्णय भी लिया है और इस प्रकरण में राव साहेब राम चरण, बी.ए.एल.एल.बी. अधिवक्ता, एम.एल.सी., यू.सी., मुनिस्वामी पिल्लई एफ.एम.यू.एम.टी. सी. (मद्रास) उट्टकमंड, माननीय एम.बी. मलिक, एम.ए.बी.एल. अधिवक्ता, विधायक (बंगाल) कलकत्ता से और श्रीमती गुणबाई गाड़कर पूना से क्रमानुसार ऊपर प्रस्तुत आयोजित सभाओं का सभापतित्व करने हेतु आमंत्रित किया गया है और मुझे यह सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि उन्होंने यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। हर सभा के लिए अलग-अलग स्वागत समितियां गठित कर ली गई हैं और इन सभाओं के लिए 10 और 11 अगस्त की तिथियां निर्धारित की गई हैं।

संपूर्ण भारत की दलित वर्ग संस्थाओं से सच्चे मन से अनुरोध है कि वे अपने प्रतिनिधियों को इस अधिवेशन और सभाओं को सफल बनाने हेतु भेजकर कृतार्थ करें। कृपया प्रतिनिधियों के नाम व प्रस्ताव सामग्री सचिव के नाम उपर दर्शाए पते पर भेजेंं।

आपका शुभचिंतक,

हरदास एल.एन.,

सचिव नागपुर शहर, ख्1,

20 जून, 1930

समिति ने इस अवसर पर पृथक सभाओं की घोषणा इस प्रकार की थी-

अखिल भारतीय दलित वर्ग अधिवेशन सुबह 8 बजे से दोपहर पश्चात 2 बजे तक शुक्रवार व शनिवार 8 अगस्त 1930 व 9 अगस्त 1930 को, संतरा बाजार भवन में नागपुर शहर (मध्य प्रांत) में आयोजित होगा।

अध्यक्षता : डॉ. बी. आर. अम्बेडकर

एम.ए., पी.एच.डी., डी.एस.सी., बार एट लॉ, विधायक बम्बई, स्वागत समिति की बैठक 7.8.1930 को होगा।

प्रस्तावित अधिवेशन निम्न महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा हेतु आमंत्रित किया गया :

(1) भारत में चल रहे राजनितिक आन्दोलन के प्रति दलित वर्ग का पक्ष सुनिश्चित

करने।

1 सुर्वडे, पृ. 99-100