5. 8.8.1930 एक देश, एक संविधान एक और भाग्य की भावना से जुड़े लोग स्वाधीन होने का जोखिम उठाते हैं। - Page 35

14 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

श्री हरदास एल.एन. अधिवेशन सचिव ने इस अधिवेशन से संबंधित एक परिपत्र जारी किया। यह परिपत्र नीचे दिया गया है।

अखिल भारतीय, दलित वर्ग काँग्रेस,

कार्यालय

विश्राम हाल, नागपुर शहर

तिथि 20 जून, 1930

परिपत्र सं. 5

संदर्भ सं.ः 5 ....

प्रिय महोदय,

समाचार पत्रों के माध्यम से ज्ञात हुआ कि साइमन कमीशन की रिपोर्ट 24 जून को प्रकाशित हो जाएगी। अतः हमें अधिवेशन की तिथि निश्चित करने का आधार मिला और प्रांतीय स्वागत समिति ने 24.5.1930 की अपनी बैठक में अधिवेशन के लिए 12 व 13 जुलाई 1930 का दिन, यह ध्यान में रखते हुए निर्धारित किया कि इससे हमारे नेताओं को रिपोर्ट को ध्यान से पढ़ने व कुछ निश्चित धारणा बनाने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा।

परन्तु डॉ. अम्बेडकर ने इन तिथियों पर हमसे पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है। उनका कथन है कि साइमन रिपोर्ट का पहला भाग 10 जून 1930 को प्रकाशित हुआ है। परन्तु अभी उसकी कोई प्रति नहीं मिल पा रही है व 22 जून तक मिलने की सम्भावना नहीं है। दूसरा भाग संभवतः 24 जून को उपलब्ध हो सकेगा और अगर पुस्तक की प्रतियां मिलने में ऐसे ही देरी हुई तो बिना रिपोर्ट पाये या बिना रिपोर्ट पढ़े ही अधिवेशन की कार्यवाही का भय बना रहेगा व ऐसी परिस्थिति में अधिवेशन निरर्थक हो जाएगा। इस बात को ध्यान में रखते हुए हमें अधिवेशन की तिथियां अवश्य बदलनी चाहिएं।

अतः हमारी स्वागत समिति ने 20 जून की सभा में अखिल भारतीय अधिवेशन के लिए 8 और 9 अगस्त 1930 तिथि का चयन किया है। विषय समिति की सभा के लिए भी हमें प्रावधान रखना चाहिए और स्वागत समिति के लिए डॉ. अम्बेडकर ने सुझाया कि सभी नेताओं को अधिवेशन प्रारम्भ से एक दिन पहले ही 7 अगस्त को नागपुर में उपलब्ध होने का निमंत्रण दिया जाए। निस्संदेह हमारे नेताओं को इन दिनों घोषित अवकाश होने के कारण अधिवेशन में उपस्थित होना सुविधाजनक होगा।