113. 24/25.4.1948 एक नेता, एक दल, एक कार्यक्रम के अनुसार संगठित हों। - Page 394

373

कि वे राजनीतिक शक्ति हथियाने के प्रयोजन के लिए संगठित हों और ऐसा व्यस्क मताधिकार के कारण संभव है। ऐसा लगता है कि लोगों में साहस नहीं है, क्योंकि वे इस विश्वास से अभिभूत हैं कि कांग्रेस सरकार सदा सत्ता में रहेगी। मैंने कहा था कि यह गलत धारणा है, लोकतंत्र में कोई सरकार स्थायी नहीं होती, और दो सबसे बड़े कांग्रेसजनों अर्थात् पंडित नेहरू और सरदार पटेल द्वारा बनाई गई सरकार भी नहीं। यदि आप संगठित हो जाएँ, तो आप भी शासन को हथिया सकते हैं।

‘‘मुझे विश्वास है कि पाठक देखेंगे कि यह कहना कि मैंने कांग्रेस संगठन पर या अपने साथियों पर आक्षेप किया था, तथ्यों को तोड़ना-मरोड़ना है।’’

   