430 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
सबूतों के साथ यह सिद्ध करने लिए तैयार हैं कि किस प्रकार मसौदा समिति के उनके साथी संविधान का मासौदा बनाने में बिल्कुल रुचि नहीं ने रहे थे वे लोग कभी-कभार ही समिति की बैठकों में हिस्सा लेते थे और इसी कारण पूरा भार उनके और समिति के सचिव के कंधों पर आ पड़ा।
अनुसूचित जातियों की समस्याओं के प्रति कांग्रेस के उदासीन दृष्टिकोण को प्रकट करने वाले विभिन्न दृष्टांतो का एक सूचीबद्ध ब्योरा देते हुए उन्होंने कहा कि विदेशी अंग्रेजी सरकार भी उन लोगों के प्रति अधिक सहानुभूतिपूर्ण तथा उदार थी और उनके सुधार के लिए निष्कपट भाव से कार्य कर रही थी।
सोशलिस्ट पार्टी और फेडरेशन के हाल ही के चुनावी गठजोड़ का हवाला देते हुए उन्होंने अनुसूचित जाति के मतदाताओं से सोशलिस्ट पार्टी और फेडरेशन के उम्मीदवारों के लिए मतदान करने का आह्वान किया। उन्होंने आत्मविश्वास जताया कि उनका समुदाय दृढ़तापूर्वक गठबंधन के साथ खड़ा होगा और इन दोनों दलों द्व ारा मैदान में उतारे गए प्रत्याशियों को सदनों में चुनकर भेजेगा।
उन्होंने कहा कि यह गठबंधन ‘आदान-प्रदान’ की भावना के तहत किया गया है और वे दृढ़तापूर्वक इसका पालन करें। लेकिन फिर भी फेडरेशन एक स्वतंत्र इकाई बनी रहेगी।
डॉ. अम्बेडकर को एक थैली भेंट की गयी जिसमें बैठक के टिकटों की बिक्री से संग्रहित धनराशि रखी हुई थी। धनराशि कितनी थी यह घोषणा नहीं की गयी।