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महिलाओं की सामाजिक प्रगति में महिला नेताओं की अरुचि
25 दिसंबर, 1952 को कोल्हापुर की महिला संगठनों ने डॉ. बी.आर. अम्बेडकर
को संबोधित सम्मान पत्र भेंट किया। कार्यक्रम की व्यवस्था राजाराम थियेटर में की
गयी थी। इस कार्यक्रम में पुरुष एवं महिलाएं भारी संख्या में उपस्थित थे। श्रीमती
विमलाबाई बागले ने उद्घाटन भाषण देते हुए सम्मान पत्र पढ़कर सुनाया। विभिन्न
महिला संगठनों ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर और श्रीमती भाईसाहेब अम्बेडकर का स्वागत
किया। मेजर दादासाहेब निम्बालकर ने भी डॉ. अम्बेडकर एवं श्रीमती अम्बेडकर का
स्वागत किया। ख्1,
उनके संबोधन के प्रत्युत्तर में डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने हिन्दू कोड बिल
का सन्दर्भ देते हुए कहा, कि प्रमुख भारतीय महिला नेताओं की रुचि महिलाओं की
सामाजिक प्रगति में नहीं है और कहा कि हिन्दू कोड बिल अब ठीक उस दूध की
तरह रह गया है जो तीक्ष्ण अम्ल मिला देने के कारण फट गया है। वे यह भी बोले
कि, ‘‘अगर वे चाहती हैं कि हिन्दू कोड बिल पास हो जाए तो अनशन करने के
लिए दो मोटी महिलाओं को ढूंढ लेना चाहिए।’’ ख्2,
1 जनता : 3 जनवरी, 1952
2 कीर, पृष्ठ 4400