158. 15.10.1956 बौद्ध धर्म विश्व का उद्धारक होगा - Page 525

504 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

अर्थ

  1. मैं जीवित प्राणियों की हत्या नहीं करने के नियम का पालन करने का वचन

देता हूं।

  1. मैं उन चीजों को नहीं लेने के नियम का पालन करने का वचन देता हूं जो

मुझे दी नहीं गई है।

  1. मैं लैंगिक दुराचार से दूर रहने के नियम का पालन करने का वचन देता

हूं।

  1. मैं असत्य वचन से दूर रहने के नियम का पालन करने का वचन देता

हूं।

  1. मैं नशीले द्रव्यों और औषधियों से दूर रहने के नियम का पालन करने का

वचन देता हूं।

इस प्रकार महास्थिवर चंद्रमणी ने डॉ. बाबा साहेब अम्बेडकर और माई साहब अम्बेडकर को बौद्ध धर्म में दीक्षित किया।

तत्पश्चात् डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने खुद मूर्ति पर माल्याणि किया और इसके समक्ष तीन पर झुककर अभिवादन किया।

जनसामान्य के लिए धर्मांतरण अनुष्ठान प्रातः 10 बजे शुरू हुआ। डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने घोषण की कि जो-जो हिंदू धर्म का परित्याग और बौद्ध धर्म को ग्रहण करना चाहते हैं, वे हाथ जोड़कर खड़े हो जाएं और उनके पीछे-पीछे त्रिशरण एवं पंचशील का पाठ करें। इस घोषणा के प्रत्युत्तर में उपस्थित सारे लोग खड़े हो गए और डॉ. अम्बेडकर ने उनको बौद्ध धर्म की दीक्षा दी।

धर्मानुष्ठान के अंग के रूप में डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने 22 शपथों का पाठ पढ़ाया :

  1. मैं ब्रहा्र विष्णु और महेश में कोई विश्वास नहीं रखूंगा और ना ही उनकी

पूजा करूंगा।

  1. मैं राम और कृष्ण में कोई आस्था नहीं रखूंगा और ना ही उनकी पूजा

करूंगा।

  1. मैं गौरी, गणपति तथा हिंदू धर्म के अन्य देवी-देवताओं में कोई आस्था नहीं

रखूंगा और ना ही पूजा करूंगा।