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- मैं देवताओं के अवतार के सिद्धांत में विश्वास नहीं करूंगा।
- मैं यह विश्वास नहीं करता और ना ही करूंगा कि भगवान बुद्ध विष्णु के
अवतार थे। मैं मानता हूं कि यह शरारतपुर्ण और झूठा दुष्प्रचार है। 6. मैं श्राद्ध नहीं करूंगा और ना ही पिंड दान दूंगा।
- मैं किसी भी प्रकार से बुद्ध के सिद्धांतों और शिक्षाओं के विपरीत काम नहीं
करूंगा।
मैं ब्राहा्रणों से कोई अनुष्ठान नहीं कराऊंगा।
मैं मानव मात्र की समानता में विश्वास करता हूं।
मैं समानता स्थापित करने का प्रयास करूंगा।
मैं बुद्ध के सिखाए गए अष्टांग मार्ग का पालन करूंगा।
मैं बुद्ध द्वारा विरूपित ‘दस पारमिताओं’ पर चलूंगा।
मैं सभी जीवित प्राणियों के प्रति संवेदन का भाव रखूंगा और उनका सावधानी
से पोषण करूंगा।
मैं चोरी नहीं करूंगा।
मैं झूठ नहीं बोलूंगा।
मैं सांसारिक पाप नहीं करूंगा।
मैं मद्यपान नहीं करूंगा।
मैं अपने जीव को बुद्ध के तीन सिद्धांतों अर्थात् प्रज्ञा, बुद्धि, शील (चरित्र)
और करूणा के अनुरूप जीने का प्रयत्न करूंगा।
- मैं उसके द्वारा अपने पहले के हिंदू धर्म को जो मानव मात्र को समृद्धि के
लिए हानिकर और इंसानों के बीच भेदभाव करता है तथा उनको नीचा
मानकर व्यवहार करता है, परित्यागकर बौद्ध धर्म अंगीकार करता हूं। 20. मैं दृढ़तापूर्वक विश्वास करता हूं कि बौद्ध धर्म सद्धर्म है।
मुझे विश्वास है कि मैं नए जीवन में प्रवेश कर रहा हूं।
मैं शपथ लता हूं कि भविष्य में बुद्ध की शिक्षाआं क अनुसार आचरण
करूंगा।