परिशिष्ट-II समता सैनिक दल का संविधान। - Page 556

535

शिविरों, स्कूलों, क्लबों, कक्षाओं, भाषणों, वाद-विवादों तथा पुस्तकालयों

तथा अन्य प्रकार की गतिविधियों का आयोजन एवं संगठन करेगा।

( iii ) अखिल भारतीय समता सैनिक दल की शाखाएं भारत के सभी प्रांतों में

काम करेंगी और जहां भी संभव होगा इसकी शाखाएं भारतीय राज्यों

में भी खोली जाएंगी।

प्रत्येक प्रांतीय शाखा अपनी समितियों का गठन करेगी और प्रत्येक जिला कमेटी शहर और ग्राम समितियों की।

( iv ) समता सैनिक दल की शहर या गांव की समिति, अपनी श्रेणी के

हिसाब से 5 सदस्यों की शहर या ग्राम समिति, एक अध्यक्ष, दो सचिवों

के साथ-साथ जिला सम्मेलन के लिए अपने बीच से प्रतिनिधियों का

चयन करेगी जो इस ढंग से किया जाएगा।

एक से पच्चीस सदस्यों पर एक प्रतिनिधि, पच्चीस से पचास सदस्यों पर-दो प्रतिनिधियों और इसी अनुपात में आगे।

जिला सम्मेलन 10 सदस्यों की एक जिला समिति, एक अध्यक्ष और दो सचिवों के अलावा अपने बीच से उनके पदों के अनुसार प्रांतीय सम्मेलन के लिए निम्न प्रकार से प्रतिनिधियों का चयन करेगा। जिला सम्मेलन के लिए 5 प्रतिनिधि और 1 प्रतिनिधि प्रांतीय सम्मेलन के लिए। पांच से अधिक और दस तक की संख्या में जिला प्रतिनिधियों के लिए प्रांतीय सम्मेलन के लिए दो प्रतिनिधि इत्यादि।

( vi ) अपनी श्रेणी के हिसाब से प्रत्येक सम्मेलन एक बीस सदस्यीय प्रांतीय

समिति, एक अध्यक्ष, दो सचिवों के साथ-साथ अखिल भारतीय सम्मेलन

के लिए प्रतिनिधियों का भी चयन करेगी। अखिल भारतीय सम्मेलन

के लिए ऐसे सदस्यों की संख्या प्रत्येक प्रांत की कुल सदस्य संख्या

की 5 से अधिक नहीं होगी।

( vii ) समता सैनिक दल का अखिल भारतीय सम्मेलन एक अखिल भारतीय

परिषद का चयन करेगा जिसमें एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष, एक महामंत्री,

दो संयुक्त मंत्री, और प्रत्येक प्रांत से अखिल भारतीय केंद्रीय समिति

द्वारा चयनित एक सदस्य होगा।

( viii ) अखिल भारतीय समता सैनिक दल से संबद्ध सभी प्रांतीय इकाइयां

अखिल भारतीय समता सैनिक दल को 25 रु. प्रतिवर्ष के हिसाब से

संबद्धता शुल्क, और अपनी कुल वार्षिक आय का 5 अदा करेंगी।