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मैं आयोग के इस तर्क से सहमत नहीं हो सकता कि दलित वर्ग के प्रतिनिधियों के मामले में प्रमाणन की कोई विशेष आवश्यकता है। अगर इस नियम का उद्देश्य केवल अयोग्य लोगों को विधायिकाओं से दूर रखना है तो मेरा कथन है कि ऐसे और भी बहुत हैं जिनके लिए प्रमाणित करने की व्यवस्था आवश्यक होनी चाहिए। यदि अयोग्यता का अर्थ अंग्रेजी का ज्ञान न होना तथा अंग्रेजी में भाषण न दे पाना है तो मुझे मुम्बई विधान परिषद से ऐसे कई गैर ब्राह्मणों व बहुसंख्या में सिंध के मुसलमानों के बारे में जानकारी है जो सदस्य होते हुए भी अंग्रेजी से अनभिज्ञ हैं। उन्हांने न कभी कोई प्रश्न पूछा और न ही भाषण दिया है। मैं यह कहने का साहस रखता हूं कि हमारे दलित वर्ग के प्रतिनिधि भी अपने-अपने विधान परिषदों से ऐसे कई नाम स्मरण कर सकते हैं। अगर उनके लिए प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होती तो मैं यह समझने में असमर्थ हूँ कि केवल दलित वर्ग के प्रतिनिधियों के लिए ही यह क्यों आवश्यक है? इसलिए हमें इस सुझाई प्रणाली को सिरे से ही नकारना है और हम स्वेच्छा से, अपनी पंसद से, बिना किसी बाधा या बिना शर्त अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मांगते हैं। हमें अपने हितों की अच्छी समझ है और हमे यह निर्णय लेने का अधिकार है कि हमारे लिए क्या अच्छा है और अपना यह अधिकार हम राज्यपाल को कतई नहीं दे सकते।
मुझे नहीं मालूम की साइमन आयोग द्वारा विरचित केन्द्रीय विधानमंडल के गठन की इस स्कीम के बारे आप क्या सोचते हैं। वर्तमान में, विधान परिषद तथा विधान सभा के सदस्य बनने के लिए प्रत्यक्ष निर्वाचन का चलन है। साइमन आयोग ने सिफारिश की है कि राज्य की विधायिकाओं का गठन पहले की तरह प्रत्यक्ष निर्वाचन से ही बना रहना चाहिए परन्तु विधान परिषद के गठन के लिए विधान सभाओं के लिए निर्वाचित सदस्यों द्वारा परोक्ष निर्वाचन से अनुपाती प्रतिनिधित्व प्रणाली के अंतर्गत नियमित हो। मैं परोक्ष निर्वाचन प्रणाली का समर्थक नहीं हूँ तथा मैंने बम्बई राज्य साइमन समिति के सदस्य होने के नाते विरोध जताया था तथा घोर आपत्ति जताते हुए भर्त्सना की थी। परन्तु साइमन आयोग ने जिस तरह से इसे पेश किया है। इसमें सुविधा/ असुविधा दोनों है। प्रथमतः इससे अल्पसंख्यक समुदायों के प्रतिनिधियों के चुनाव के लिए संयुक्त व पृथक निर्वाचन मंडलों की आवश्यकता अपने से ही हट जाती है। दूसरे, इससे एक विधान सभा व दूसरी विधान परिषद के लिए अलग-अलग मतदाता सूचियाँ बनाने व रखने से संबंधित दोषों से मुक्ति