10. 29.1.1932 हिन्दुओं की आगामी पीढ़ियां मेरी सेवाओं को सराहेंगी। - Page 86

65

हम युगों से दमन, शोषण तथा तानाशाही से पीडि़त हैं व आपका सामाजिक जीवन के क्षितिज पर उदय होना स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा ऐसी हमारी सोच है। महाड, नासिक तथा दूसरे स्थानों पर आपने हमारे भीतर साधारण मानवीय अधिकारों के प्रति हमारे अधिकार और दावे की जो जागरूकता पैदा की है उससे हमें नया जीवन व एक नई मनोदशा मिली है और हमने अपनी हीन भावना को कहीं दफना कर भुला दिया है। पूरे देश में हमारा समुदाय कर्तव्य परायण है और अपने अधिकारों की मांग के लिए जूझने को तत्पर हैं। इसे कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि यह सब आपके कठिन परिश्रम तथा मार्ग दर्शन का ही फल है। हमें भली भांति ज्ञात है कि हमारे समाज के ऐसे विरले ही साथी हं,ै परन्तु आप तो इस समुदाय के लिए महान बलिदान दे रहे हैं।

यह दोहराना आवश्यक है कि हमारे हित, राजनैतिक हों या दूसरे, आपके हाथों में पूर्णतया सुरक्षित हैं और हम सब केवल आपमें पूर्ण आस्था रखते हुए विश्वस्त हैं कि आप इस कुचले हुए व शोषित समुदाय को मुक्ति दिलाने में सफल होंगे।