64 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
| lE | eku |
|---|
‘‘ डॉ. बी. आर. अम्बेडकर
एम.ए. पीएच.डी., डी.एस.सी., बार एट लॉ,
एम.एल.सी. प्रतिनिधि, भारतीय, गोलमेज अधिवेशन
के सम्मान में
| kU; | oj |
|---|
हम सब नीचे दर्शाये गए संगठन भारत के दलित वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हुए हमारे विधिसम्मत अधिकारों की मान्यता के लिये आपके कठोर संघर्ष हेतु आपके भारत आगमन पर हार्दिक स्वागत करते हुए गर्व व हर्ष अनुभव कर रहे हैं। आपने द्वितीय गोलमेज अधिवेशन में समुद्र पार दलित वर्ग की न्यायोचित मांगे पूरी तरह उठाई जिसमें बाकी सबके समरूप सम्मान व समता का अधिकार मांगा। हमें भय था कि हमारा पक्ष अगर इतने जोर से न रखा गया होता तो हमारे हक की उपेक्षा कर दी जाती। आपने हमारे अधिकारों की रक्षा के लिए मनुष्य शक्ति में संभव था सब किया। हमे पूर्ण विश्वास है कि लन्दन में आपके कठिन प्रयासों का परिणाम हमें निकट भविष्य में मिलेगा तथा हम सब भारत की बहुसंख्यक सवर्ण जातियों व समुदायों के लोगों से समता प्राप्त कर पाएेंगे।
हमें निःसंकोच यह कहने की अनुमति प्रदान करें कि गोलमेज अधिवेशन में हमारा प्रतिनिधित्व आपसे बेहतर कोई नहीं कर सकता था। आपका राव बहादुर श्रीनिवासन के साथ मिलकर किया गया कार्य हमारे लक्ष्य प्राप्ति में बहुत महत्वपूर्ण रहा। लन्दन तथा दूसरे स्थानों पर सशक्त भाषणों के माध्यम से आपने दुनिया भर को जता दिया कि दलित वर्ग एक विशाल अल्पसंख्यक समाज है और उनके अलग प्रतिनिधित्व के बिना उनका हित सुरक्षित नहीं होगा। इस बात का श्रेय भी आपको जाता है कि आपने कांग्रेसी नेताओं की अविश्वसनीयता को उजागर कर दिया जो दलित वर्ग के प्रति झूठी सहानुभूति दर्शाते हैं। श्रीमान जी, अभी विशेषाधिकार समिति के सदस्य के नाते दलित वर्ग को अधिकार दिलाने के कार्य को और प्रगति प्रदान करें क्योंकि यह समिति शीघ्र ही कार्य शुरू करेगी। हमें पूर्ण विश्वास है और आपको स्मरण कराना चाहते हैं कि विशषाधिकार समिति के समक्ष तथा देश के संविधान के निर्माण में आप अपने भाइयों के लिए समानता तथा सम-प्रतिष्ठा के अधिकार से कम पर संतुष्ट नहीं होंगे।