366 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
है आपको? ये अपने ही हिंदू लोग आपको अपनी गुलामी में रखना चाहते हैं। हमें अलग चुनाव क्षेत्र मिला इसलिए महात्मा गांधी ने आमरण अनशन शुरू किया। उसी के परिणामस्वरूप गांधीजी के लिए इन लोगों ने मंदिर खुले करने शुरू किए हैं। हालांकि यह आंदोलन अरवी के पŸां पर रुके जल जैसा है, वह पत्तों पर रुके बगैर ढुलक जाएगा। इसलिए इन लोगों का भरोसा ना कीजिए। हमें समानता की बुनियाद पर सामाजिक दर्जा हासिल करना है। अपनी आर्थिक गुलामी खत्म करनी होगी। इसलिए अपने बलबूते खडे़ होकर हमें संगठन खड़ा करना होगा। नैतिकता ताक पर रख कर पेट पालने वाले लोग आपको तरह-तरह के झांसे देंगे। उनसे सावधान रहें। अपने मन को जो सही लगे वही करें। आखिर में मैं आपसे यही कहना चाहूंगा कि जिस तरह हिंदुओं को जातिभेद खत्म करने के लिए हम कह रहे हैं, उसी तरह हमें आपसी भेद मिटाने की पुरजोर कोशिश करनी होगी। आपने मुझे यहां बुलाकर मानपत्र देकर मेरा जो सम्मान किया है, उसके लिए एक बार फिर मैं आपके प्रति आभार व्यक्त कर आपसे विदा लेता हूं।