63. एक होकर रहें तो भावी राजनीति अपनी गुलामी को खत्म करेगी - नवंबर 1932 बालपाखाडी - Page 385

368 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

इसीलिए जाते-जाते मैं आपको दो शब्द प्रेम के साथ कहता हूं, वे हमेशा ध्यान में रखें। पहली बात यह कि, अपनी एकता को कायम रखिए, आपस में फूट न पड़ने देना। जातिभेद, वर्गभेद, जिलाभेद को बढाएं नहीं। मेरे बाद डॉ. सोलंकी साहब और मेरे दफ्तर में मेरे साथ काम करने वाले मेरे अन्य सहकर्मियों की सहायता करें। अन्य लोगों की चकाचौंध भरी बातें सुन कर आपा मत खोना। मैं जानता हूं कि मेरे साथ काम करने वालों के खिलाफ जहर फैलाने का काम कुछ लोगों ने शुरू किया है, इसके बावजूद मेरा आपसे यही कहना है कि अपना मन कलुषित होने न दें। मेरे आने तक एकजुट होकर रहें। एकता से रहने पर अपनी गुलामी से मुक्तता दिलाने की दिशा में भावी राजनीति से हमें लाभ मिलेगा। साथ ही, एक पत्रक में व्यक्त की गई मेरी गुजारिश के अनुसार आप सब बोर्डिंग फंड में जितना दे सकते हैं उतना योगदान दें।“

इसके बाद माला और गुच्छ देने का कार्यक्रम हुआ और सभा समाप्त हुई।