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उपरोक्त भूमिका को स्वीकार कर महार परिषद, संत समाज परिषद और मातंग परिषद आयोजित की गई थीं। आयोजकों ने अपने कार्यक्रमों के अलग-अलग पत्रक निकाले थे। वे इस प्रकार थे -
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अखिल मुंबई इलाका महार परिषद, मुंबई
अध्यक्ष : - मे. बी. एस. वेंकटराव उर्फ हैद्राबादी आंबेडकर
शनिवार, रविवार और सोमवार दिनांक 30-31 मई, 1 जून, 1936.
जगह : - कामगार मैदान, परेल, मुंबई नं. 12
जैसा कि इससे पूर्व घोषित किया गया था, अखिल मुंबई इलाका महार परिषद का पूरा कार्यक्रम अगले अंक में दिया जाएगा। इस परिषद में धर्म परिवर्तन के बारे में मुंबई इलाके के महार समाज की नीति तय की जाने वाली है। उसके अनुसार ही महार समाज के हित में सभी मामलों पर सोच-विचार कर अगले कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
आगे चल कर इस परिषद के विषय में इतिहास में स्वर्णाक्षरों से लिखा जाएगा। इसीलिए, हर महार बंधू-भगिनी इस परिषद में उपस्थित रह कर अपनी सक्रिय सहानुभूति व्यक्त करें। डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर चाहते हैं कि यह परिषद प्रातिनिधिक स्वरूप की होनी चाहिए। इसलिए अलग-अलग जगह के महार समाज को चाहिए कि वे अपने प्रतिनिधि तुरंत निश्चित कर उनके नाम-पते भेजें। बाहर से आने वाले लोग अपना चंदा, परिषद के बारे में सूचना, प्रस्ताव आदि नीचे दिए जा रहे पते पर भेजें अथवा प्रत्यक्ष संपर्क करें।
खास सूचना : बाहर से आने वाले लोगों के रहने और खाने का प्रबंध स्वागतमंडल की ओर से किया गया है। परिषद के तीनों दिनों का मिला कर भोजन और रहने का चंदा एक रुपया रखा गया है। जो लोग इस सुविधा का लाभ लेना चाहते हैं, वे आगे दिए जा रहे पते पर संपर्क करें। और दिनांक 28-5-1936 तक अपने नाम दर्ज करवाएं। परिषद के लिए चंदा इस प्रकार रखा गया है -
- स्वागत मंडल के सदस्य : रु. 5; (2) सहयोगी सदस्य : रु. 3; (3) बाहर गांव से आने वाले सदस्यों के लिए स्वागत मंडल के सदस्य : रु. 3; (4) साधारण सहकारी सदस्य : रु. 2; (5) सर्वसाधारण सदस्य रु. 1; (6) महिलाएं : केवल आठ आने।