184 7.12.1940 ...ऐसा भेदभाव अधःपतन की ओर से जाएगा 312 185 15.2.1941 बच्चों को पढ़ाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना 316 186 23.2.1941 मैं पूछता हूं अस्पृश्य गवर्नर क्यों नहीं हो हो सकता? 319 187 11.5.1941 कुत्ते की नहीं, इंसान की मानसिकता अपनाएं 324 188 17.5.1941 आपका स्वार्थ त्याग और साहस अपूर्व है 327 189 13.7.1941 लड़के-लड़कियों को पढ़ाइए परंपरागत
कामों में उलझा कर ना रखें 328 190 16.8.1941 अंग्रेज सरकार ने हमारे लिए क्या किया? 332 191 24.9.1941 अंग्रेजों को बचाने के लिए नहीं, अपना
घर बिखर न जाए इसलिए.... 337 192 11.1.1942 अपनी रक्षा के लिए सुरक्षा बलों का गठन कीजिए 342 193 26.4.1942 कोई और आकर आपको नहीं उबारेगा,
अपने उद्धार के लिए खुद आपको ही कमर कसनी होगी 345 194 18/19.7.1942 जनतंत्र जीवित रहा तो उसके पफता जरूर
मिलेंगे, लेकिन अगर जनतंत्र का खात्मा
हुआ तो विनाश अटल है 348 195 20.7.1942 शिक्षित बनो, आंदोलन करो, संगठित हों,
आत्मविश्वास बनाए रखो, कभी धीरज
ना खोना-यही हमारे जीवन के पांच सूत्र हैं 366 196 18/19.7.1942 ब्राह्मणवाद पर प्राणघातक वार 369 197 20.7.1942 महिलाओं की उन्नति पर ही समाज की
उन्नति निर्भर करती है 372 198 20.7.1942 राजनीतिक समता के लिए जरूरी है
स्वतंत्र राजनीतिक अधिकार 373 199 21.7.1942 तीन बातें मैं होने नहीं दूंगा 376 200 16.5.1943 केवल स्वराज मिलने में पफायदा नहीं,
महत्वपूर्ण यह भी है कि वह किसके हाथ में रहेगा? 377 201 16.5.1943 ...जो सुसंस्कृत और सुखी जीवन प्राप्त