350 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
ऑल इंडिया डिप्रेस्ड कलासेस कॉन्फरेंस, थर्ड सेशन, 18 और 19 जुलाई, 1942
ऑल इंडिया डिप्रेस्ड कलासेस वीमेंस कॉन्फरेंस, 20 जुलाई, 1942
समता सैनिक दल कॉनफरेंस, 20 जुलाई, 1942
इन तीनों परिषदों में करीब पौने लाख लोग उपस्थित थे। उनमें से करीब 20 हजार महिलाएं थीं। नागपुर के मोहन पार्क में परिषद के लिए नागपुर के निवासियों ने बहुत बड़ा शामियाना लगाया था। इसमें चार दिशाओं में चार दरवाजे थे जिनके नाम दिए गए थे- अम्बेडकर, हरदास, कालू आहेरे और रमाबाई। 18 और 19 जुलाई, 1942 के इस तीसरे अधिवेशन के लिए पहले डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर को अध्यक्ष पद के लिए चुना गया था लेकिन 9 जुलाई के आदेशानुसार उन्हें वायसराय के मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था, सो वे अध्यक्ष पद स्वीकार नहीं कर पाए। यह पद मद्रास के मद्रास लॉ कॉलेज के प्रोफेसर तथा और किंग्ज कमीशन कमेटी के सदस्य रावबहादुर एन. शिवराज, एम.एलए. (सैंट्रल), को बहाल किया गया। बाबासाहेब और शिवराज और उनके सहयोगी 18 जुलाई की सुबह 9 बजे रेल से नागपुर पहुंचे। तब स्टेशन से लेकर मोहन पार्क होटल तक बड़ा जुलूस निकाला गया। जुलूस में समता सैनिक दल और उनका बैंड सबसे सम्मानीय मेहमान इस होटल में चार दिनों तक रुके।
उस समय दी ऑल इंडया डिप्रेस्ट कलासेस कॉन्फरेंस के अध्यक्ष थे रावबहादुर एन. शिवराज, बी. ए. बीएल, एम.एल.ए (सेंट्रल)। दी ऑल इंडिया डिप्रेस्ड कलासेस वीमेन्स अधिवेशन की अध्यक्षा श्रीमती डोंगरे (अमरावती) थीं। दी समता सैनिक दल कॉन्फेरेंस के अध्यक्ष थे- गोपालसिंह, एच. बी. ई., एम. एल. एल (पंजाब)। इन तीनों परिषदों की अंग्रेजी में रिपोर्ट (कुल पृष्ठ 121) तीसरे अधिवेशन के स्थागताध्यक्ष श्री जी. टी. मेश्राम ने 7.9.1942 को ‘मंगल धाम’ इंदोरा में प्रकाशित किया।
इस अधिवेशन में जो पांच राजनीतिक प्रस्ताव पारित हुए उनमें - (1) क्रिप्स योजना अस्पृश्यों को पसंद नहीं। (2) संविधान परिषद जल्द बुलाई जाने की मांग। (3) संविधान में अस्पृश्यों की सुरक्षा के प्रबंध की मांग। अस्पृश्यों के लिए कल्याणकारी काम करने के मद में हर साल एक बड़ी रकम का बजट में प्रावधान रखना। पब्लिक सर्विस कमीशन बड़े अधिकार वाले पद, विधिमंडल और स्थानीय स्वराज संस्थाओं में अस्पृश्यों के लिए बड़ी संख्या में पदों का प्रावधान रखना आदि मांगें रखीं। (4) अस्पृश्यों के लिए अलग उपनिवेश हों, उसके लिए सेटलमेंट कमीश्नर रहे, अस्पृश्यों को सरकारी जमीनें दी जाएं आदि। (5) एक प्रमुख केन्द्रीय राजनीतिक पक्ष के रूप में ऑल इंडिया शेड्यूल्ड कास्टस् फेडरेशन की स्थापना करना। यह प्रस्ताव अंग्रेजी में था जो इस प्रकार था-