219 6.5.1945 हमें जातीय बहुमत नहीं, राजनीतिक बहुमत चाहिए - मुंबई - Page 471

450 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

इन तत्वों को स्वीकारने के बाद मेरी सूचना है कि प्रधानमंत्री और कार्यकारी मंडल के बुहसंख्य समुदाय के प्रतिनिधियों का चुनाव पूरा सभागृह करे। लेकिन कार्यकारी मंडल के विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों का चुनाव विधिमंडल के उस समुदाय के सदस्यों द्वारा किया जाए।

विधिमंडल में प्रतिनिधित्व

यह बेहद कठिन मसला है। अन्य सभी सवाल इस मसले के हल होने पर निर्भर करते हैं। इस सवाल के कारण दो महत्वपूर्ण मुद्दे उभरते हैं-

  1. प्रतिनिधित्व का अनुपात_

  2. मतदान का स्वरूप।

प्रतिनिधित्व का अनुपात

पहले मैं अपनी सूचनाएं आपके सामने रखता हूं। उसके बाद जिन तत्वों पर वे आधारित हैं उनके बारे में विस्तार से बताऊंगा। आगे दिए जा रहे कोष्कों से आप इस सूचनाओं को समझ पाएंगे। ब्रिटिश हिंदुस्तान के केंद्रीय और प्रांतीय विधिमंडल के भिन्न समुदायों के प्रतिनिधित्व का अनुपात इसमें दर्शाया गया है।

विधिमंडल में सूचित किया प्रतिनिधित्व का अनुपात

विशेष सूचना- आदिवासी जनजातियों की जनसंख्या को गिनती में शामिल न किए जाने के कारण जनगणना के आंकड़े और निन्नांकित तालिकाओं में बताया गया जनगणना के प्रतिशत में फर्क नजर आता है।

(1) केन्द्रीय मंडल

समुदाय जनसंख्या प्रतिशत प्रतिनिधित्व प्रतिशत 1 2 3 हिंदू 54.68 40 मुसलमान 28.5 32 अस्पृश्य समाज 14.3 20 भारतीय ईसाई 1.16 3 सिक्ख 1.49 4 एंग्लो इंडियन 0.05 1