255 4-11-1948 संविधान के तहत अगर कुछ गलत बातें होती हैं तो जिम्मेदारी संविधान की नहीं मनुष्य की दुष्टता की होगी - नई दिल्ली - Page 115

96 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

ही मंत्रियों के भी कुछ अधिकार होते हैं, जैसे कि, वे संसद में बैठ सकते हैं। चर्चा में हिस्सा ले सकते हैं। और उसके कामकाज में मतदान कर सकते हैं। अर्थात्, दोनों शासन पद्धतियां जनतांत्रिक हैं और इनमें से एक को चुनना इतना आसान नहीं। जनतांत्रिक कार्यकारी मंडल के लिए दो शर्तें पूरी करनी पडती हैं। एक- कार्यकारी मंडल का स्थिर होना आवश्यक है। दो- कार्यकारी मंडल का उत्तरदायी होना जरूरी है। दुर्भाग्य से इन दोनों बातों का समपरिमाण में भरोसा देने वाली प्रणाली अब तक बन नहीं पायी है। अधिक स्थिरता और कम जिम्मेदारी का समावेश जिसमें है ऐसी प्रणाली मिल सकती है अथवा अधिक जिम्मेदारी और कम स्थिरता वाली प्रणाली भी मिल सकती है। अमेरिका और स्विट्जरलैंड की शासन प्रणाली में स्थिरता अधिक और जिम्मेदारी कम है वहीं ब्रिटेन की शासन पद्धति अधिक जिम्मेदार है लेकिन उसमें स्थिरता कम है। इसके कारण स्पष्ट हैं। अमेरिका का कार्यकारी मंडल असंसदीय है। यानी कि, अपने अस्तित्व के लिए वह काँग्रेस से प्राप्त बहुमत पर निर्भर नहीं है। इसके बिल्कुल उल्टा, इंग्लैंड में संसदीय कार्यकारी मंडल है। इसका मतलब उसका अस्तित्व संसद के बहुमत पर निर्भर है। असांसदीय कार्यकारी मंडल के कारण अमेरिका की काँग्रेस कार्यकारी मंडल को बर्खास्त नहीं कर सकती। लेकिन, सदन के बहुसंख्य सदस्यों का विश्वास भंग हो जाने पर इस्तीफा देना संसदीय प्रशासन के लिए अनिवार्य हो जाता है। जिम्मेदारी के नजरिए से देखें तो असांसदीय कार्यकारी मंडल संसद से संबद्ध न होने के कारण विधिमंडल की ओर से उसकी कम जवाबदेही बनती है। इसकी तुलना में देखें तो बिल्कुल उल्टा, संसदीय कार्यकारी मंडल संसद के बहुमत पर ज्यादा निर्भर होने के कारण वह अधिक जिम्मेदार होता है। संसदीय पद्धति असंसदीय पद्धति से अधिक जिम्मेदार होती है इतना ही इन दोनों में फर्क नहीं है, जिम्मेदारी का मूल्यांकन करने का समय और पद्धति में भी इनमें फर्क है। असांसदीय मूल्यांकन शासनपद्धति में - जोकि अमेरिका में प्रचलित है कार्यकारी मंडल की जिम्मेदारी का कालबद्ध होता है। दो साल में एक बार वह किया जाता है। मतदाताओं की ओर से वह किया जाता है। संसदीय शासनपद्धति के अनुसार चलने वाले इंग्लैंड में कार्यकारी मंडल की जिम्मेदारी का मूल्यांकन रोजमर्रा और कालबद्ध दोनों तरीकों से होता है। प्रश्न, प्रस्ताव, अविश्वास प्रस्ताव, स्थगन प्रस्ताव और भाषणों पर चर्चा आदि माध्यमों के सहारे सभागृह के सदस्य रोजमर्रा मूल्यांकन करते हैं। समयबद्ध मूल्यांकन हर पांच सालों के बाद या उनसे पहले होने वाले चुनावों के समय मतदाताओं की ओर से होता है। कहा जाता है कि, अमेरिका में अस्तित्व में न होने वाली जिम्मेदारी का रोजमर्रा का मूल्यांकन समयबद्ध मूल्यांकन से अधिक असरदार होता है और भारत जैसे देश को इसकी ज्यादा जरूरत है। कार्यकारी मंडल के बारे में सोचते हुए संसदीय पद्धति की सिफारिश कर मसौदा संविधान ने स्थिरता से अधिक जिम्मेदारी को प्रधानता दी है।

अब तक मैंने मसौदा संविधान के तहत प्रशासन पद्धति का विवरण दिया है। अब