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व²कग कमेटी के क्रियाकलाप जानकारीपूर्ण लगते हैं। खासकर उसका समय महत्वपूर्ण है। खास दर्ज करने लायक बात यह है कि करीब संविधान तीन वर्षों के बाद 19-20 नवंबर को ही व²कग कमेटी की बैठक बुलाई गई है। जल्द ही घटना समिति का काम पूरा होगा। संविधान घोषित होते ही नई पार्लियामेंट का निर्माण होगा। भारतवासियों को नए पार्लियामेंट में अस्पृश्य समाज के हकों का अहसास व²कग कमेटी कराएगी। अस्पृश्य समाज के अधिकारों की रक्षा करने और उनके बारे में सब दूर पैनी नजर से हर घटना पर ध्यान रखने का काम करने में व²कग कमेटी माहिर है इसी का यह सबूत है।
काँग्रेस या अन्य दलों के साथ शेड्यूल्ड कास्ट फेडरेशन के संबंध कैसे हों इस बारे में अफवाहें फैला कर जो अफरातफरी मची थी उसे दूर करने के लिए व²कग कमेटी के प्रस्ताव काम आएंगे इसमें कोई शक नहीं।
अ. भा. शेड्यूल्ड कास्ट फेडरेशन की व²कग कमेटी अर्थात् अस्पृश्य समाज का सर्वश्रेष्ट न्यायालय है। इसी न्यायालय से दलितों को सही न्याय मिलेगा। और न्याय पाने के लिए व²कग कमेटी के आदेश के अनुसार पालन और तन-मन-धन लगा कर शेड्यूल्ड कास्ट फेडरेशन के संगठन को मजबूत करने के लिए सभी अस्पृश्य बंधुओं को तैयार रहना होगा।
तय कार्यक्रम के अनुसार दिनांक 19-20 नवंबर, 1949 को अखिल भारतीय शेड्यूल्ड कास्ट फेडरेशन की मीटिंग दिल्ली में मध्य प्रांत के आयु. डी. एल. पाटील की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का कामकाज गुप्त तरीके से किया गया। व²कग कमेटी की बैठक में वर्तमान राजनीतिक हालात के बारे में सूक्ष्मता से विचार-विमर्श किया गया और निर्णय लिया गया कि शेड्यूल्ड कास्ट फेडरेशन अपनी पुरानी नीति पर ही कायम रहे। हालांकि यह भी साफ किया गया कि शेड्यूल्ड कास्ट फेडरेशन की भूमिका असहयोग की बिल्कुल नहीं होगी। यह भी स्पष्ट किया गया कि जो पार्टी अस्पृश्यों के लिए खास कार्यक्रम रखेगी और जो समान हिस्सा देगी उसी के साथ सहयोग करने के बारे में दलित फेडरेशन सोचेगा।
उपस्थितों के नाम
विशेष आमंत्रण के कारण भारत सरकार के कानून मंत्री डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर व²कग कमेटी की बैठक में उपस्थित थे। विभिन्न प्रांतों के व²कग कमेटी के लगभग सभी सदस्य उपस्थित थे। प्रांतों के अनुसार निम्नलिवित सदस्य बैठक में दिखाई दे रहे थे-
पंजाब
आयु. सेठ किशनदास
आयु. बालमुकुंद