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दो दिनों में हुआ कामकाज
दिनांक 19 और 20 को व²कग कमेटी का कामकाज हुआ।
पहले दिन के कामकाज की शुरुआत दलित फेडरेशन के महा सचिव आयु. बापूसाहब राजभोज द्वारा पढ़ी गई रिपोर्ट से हुई। आयु. राजभोज ने रिपोर्ट में तीन सालों के कामकाज का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। पिछले सत्याग्रह का वर्णन कर उन्होंने सत्याग्रहियों का अभिनंदन किया। मद्रास, संयुक्त प्रांत, मध्य प्रांत आदि के दौरे के अनुभवों का वर्णन भी संगठन के नजरिए से उन्होंने किया। विभिन्न प्रांतीय शाखाओं में बहुत शिथिलता की बात भी उन्होंने जोर देकर कही। प्रांतीय शाखाओं से फेडरेशन के सदस्यों की संख्या बढ़ाई नहीं जाती, हिसाब नहीं मिलते, प्रचार के लिए यात्राएं नहीं निकाली जातीं ये शिकायतें उन्होंने एक बार फिर डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर के सामने व²कग कमेटी की बैठक में की। आयु. राजभोज ने अपनी रिपोर्ट के आखिर में डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर कार्यों की प्रशंसा की। आयु. राजभोज ने कहा कि डॉक्टर साहब ने संविधान बनाकर शत्रू से भी वाहवाही पाई। यह उनकी और फेडरेशन की भी विजय है। आयु. राजभोज को संगठन में अनुशासन बनाए रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सूचनाएं मिली हैं जिनके बारे में वह जल्द ही एक सर्कुलर निकालने वाले हैं।
डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर का भाषण
आयु. राजभोज द्वारा रिपोर्ट पढ़े जाने के बाद डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने काफी संक्षिप्त में भाषण दिया। बाबासाहेब ने अपने भाषण में कहा-
हमें अपना संगठन अलग ही रखना होगा। अलग संगठन के बगैर हम स्वाभिमान के साथ जी नहीं सकेंगे। आज जो छोटे-मोटे राजनीतिक दल दिखाई देते हैं उनके पास अस्पृश्यों के लिए कोई खास योजनाएं नहीं हैं। कोई अगर इस प्रकार के कार्यक्रम रखते तो हम उनके बारे में जरूर सोचते। लेकिन इस वजह से हमारी राह रुक नहीं जाएगी। हमें अपनी सुप्तावस्था को त्यागना होगा। अब के बाद हमें जो भी पाना हो वह इज्जत के साथ ही पाना होगा। किसी की हांजी-हांजी करके या भीख मांग कर हमें कुछ नहीं चाहिए। हमारा भविष्य अब उज्ज्वल है। भविष्य उज्जवल बनाने के लिए मुझे निष्ठावान लोगों की जरूरत है।
आखिर एक बात मुझे साफ तौर पर कहनी है कि अगर आप मुझे अपना नेता मानते हैं तो आपको मेरी बातें माननी होंगी।
चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव
उसके बाद शेड्यूल्ड कास्ट फेडरेशन की व²कग कमेटी द्वारा चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। शेड्यूल्ड कास्ट फेडरेशन की मौजूदा नीति में किसी तरह का फेरबदलाव