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317 21-4-1954 हमारा देश दो राष्ट्रों में विभक्त है - एक उच्च लोगों का

और दूसरा निम्न लोगों का 331 318 25-4-1954 दीपमाला के न बुझने वाले दीपक की तरह हमारा पक्ष छोटा

होने के बावजूद अन्य पक्षों का मार्गदर्शन करेगा 336 319 29-4-1954 आज भी आदिवासी जंगली युग में ही जीते हैं, देश को

आजादी मिलने से उनके जीवन में कोई बदलाव नहीं आया 339 320 2-5-1954 व्यवहार और सिद्धांत में तालमेल न हो तो वरिष्ठ वर्ग के

विनाश में देर नहीं लगेगी 340 321 8-5-1954 आपके बनाए मंदिर में बुद्ध प्रतिमा की प्रतिष्ठापना कीजिए 342

(जनता)

322 1-7-1954 समाज को गुमराह करने वाले नेताओं पर कड़ी नजर

रखना जरूरी है 343 323 26-10-1954 आपकी कुटिया साबुत बची तो लोग आपकी शरण में आएंगे 345 324 28-10-1954 तीन गुरु और तीन उपास्य आदर्शों की कृपा से मेरा जीवन

बना है 349 325 14-11-1954 राष्ट्र की सैनिकी सुरक्षा के लिए जरूरी है कि हैदराबाद

देश की उप-राजधानी बने 356 326 14-11-1954 अधूरी शिक्षा काम की नहीं 360 327 4-12-1954 बौद्ध धर्म दर्शन के बारे में मेरे साथ चर्चा करने वाले किसी

भी प्रकांड पंडित को मैं हराऊंगा 361 328 4-12-1954 ब्रह्मदेश में अस्पृश्यता न होने के कारण ही आप व्यापार

और व्यवसाय में उन्नति कर पाए 364 329 25-12-1954 पंढरपूर में बौद्ध धर्म का मंदिर था यह मैं साबित कर सकता हूं 366 330 14-1-1955 हिंदु धर्म में भगवान, आत्मा आदि की जगह है लेकिन मनुष्य

के जीवन के लिए कोई स्थान नहीं 371 331 3-4-1955 तानाशाही और मनुष्य-मनुष्य के बीच भेदभाव करने वाली

संस्कृति ये प्रजातंत्रा के दो दुश्मन हैं 379 332 6-5-1955 केवल बुद्ध ने मानव की विवेक बुद्धि को आवाहन किया है 381 333 8-5-1955 बौद्ध धर्म और हिंदु धर्म में जमीन-आसमान का फर्क है 389 334 12-12-1955 विद्या, प्रज्ञा, करुणा, शील और मैत्री इन पांच तत्वों के

आधार से हर छात्र अपना चरित्र बनाए 397 335 21-12-1955 मराठवाड़ा के विकास के लिए उचित यही रहेगा कि

मराठवाड़ा आजाद हो 401 336 18-1-1956 मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करना निषेधार्ह 402 337 5-2-1956 बौद्धों तथा जैनियों की अहिंसा में बहुत फर्क है 403