510 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
है। अमीर को और अमीर और गरीब को और गरीब बनाना दरिद्रता को समाप्त करने का मार्ग नहीं है। जातिव्यवस्था को समाप्त करने के लिए शिक्षा का एक साधन के तौर पर इस्तेमाल करने की नीति पर यह बात लागू होती है। जातिव्यवस्था को कायम रखना चाहने वालों को शिक्षा देने के कारण भारतीय प्रजातंत्र का भविष्य उज्जवल तो नहीं ही होगा, उल्टे यह नीति भारतीय प्रजातंत्र को संकट में डाल सकती है।
हस्ताक्षर/-
(बी. आर. आंबेडकर)
26, अलीपुर रोड़,
नई दिल्ली
दिनांक 20 मई, 1956
20 मई, 1956 को ‘वॉयस ऑफ अमेरिका’ इस आकाशवाणी केंद्र से दिए भाषण का संपादक मंडल द्वारा मराठी में अनुवाद। हिंदी अनुवाद संध्या पेडणेकर द्वारा।