249 7-7-1947 दुनिया के न्यायालय के सामने अंग्रेजों को जवाब देना पड़ेगा - मुंबई - Page 82

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इस धारा के कारण जो परिणाम होंगे उन्हें ध्यान में राते समय मजदूर सरकार जिस प्रकार की आजादी दे रही है उस आजादी को पाकर कितने लोगों को खुशी होगी यह मैं कह नहीं सकता। अंग्रेज हमेशा दावा करते आए हैं कि हमने भारत में एकता पैदा की। किसी भी प्रकार का विवाद पैदा किए बगैर अगर वे यह एकता हमारे सुपूर्द की होती तो यह उनके लिए गर्व की बात साबित होती।

दुर्भाग्य से हिंदी जनता के हाथ में अविभाजित हिंदुस्तान वापिस न देकर यही एकता नष्ट करने की बात ब्रिटिश पार्लियामेंट ने तय की है और जिस वक्त अंग्रेज भारत में आए तब भारत जिस विभाजित रूप में था उसी स्वरूप में आज वह हमें वापिस मिल रहा है। भारत का दो उपनिवेशों में विभाजन करने के कुछ कारण होंगे। रियासतों और इन उपनिवेशों में फूट डालने की धूर्तता अगर अंग्रेज करते हैं तो दुनिया के समक्ष उन्हें अपनी इस करतूत का जवाब देना पड़ेगा।