HI/Volume_7 - Page 373

हिंदू जिसे धर्म कहते हैं, वह सामाजिक आदेशों और निषेधों का पुलिंदा है। .... धर्म का मूल्यांकन सामाजिक मानदंडों से किया जाना चाहिए, जो सामाजिक आचार-विचारों पर आधारित हैं।

µभीमराव अम्बेडकर