पहली पहेली: यह जानने में कठिनता कि कोई हिंदू क्यों है? - Page 22

पहली पहेली

यह जानने में कठिनता कि कोई हिंदू क्यों है?

भारत समुदायों का समूह है। इसमें पारसी, ईसाई, मुसलमान और हिंदू हैं। इन समुदायों का आधार प्रजातीय नहीं है। यह वास्तव में धार्मिक है। ऐसा सोचना एक सतही विचार है। यह जानना मजे की बात है कि कोई पारसी एक पारसी क्यों है? एक ईसाई ईसाई क्यों है? एक मुसलमान मुसलमान क्यों है और एक हिंदू एक हिंदू क्यों है? पारसी, ईसाई और मुसलमानों के बारे में तो ठीक है? आप किसी पारसी से पूछें कि आप पारसी क्यों कहलाते हैं, वह वह सहजता से आपके प्रश्न का उत्तर दे देगा। वह कहेगा कि वह जरथूस्त्र का अनुयायी है, इसलिए वह पारसी है। यही सवाल किसी ईसाई से किया जाए। उसे भी जवाब देने में कठिनाई नहीं होगी। वह ईसाई है क्योंकि वह ईसा मसीह में विश्वास रखता है। यही सवाल किसी मुस्लिम से किया जाए। उसे भी इसका जवाब देने में संकोच नहीं होगा। वह कहेगा कि वह इस्लाम में विश्वास करता है और इसीलिए वह मुसलमान है।

यही प्रश्न आप अब किसी हिंदू से पूछें। निःसंदेह वह असमंजस में पड़ जाएगा और जवाब ढूंढ ही नहीं पाएगा। यदि वह कहता है कि वह इसलिए हिंदू है कि वह उसी देव की आराधना करता है जिसकी हिंदू समाज करता है। उसका यह उत्तर सही हो ही नहीं सकता क्योंकि हिंदू किसी एक ही देव के उपासक नहीं हैं। कुछ हिंदू एकेश्वरवादी हैं, कुछ बहुदेववादी हैं और कुछ सर्वेश्वरवादी हैं। यहां तक कि जो एकेश्वरवादी हैं, वे भी किसी एक ही देव की अर्चना नहीं करते। कुछ विष्णु की पूजा करते हैं, कुछ शिव की, कुछ राम की और कुछ कृष्ण की। कुछ नर भगवानों की पूजा नहीं करते। वे देवी की पूजा करते हैं। इस पर भी, वे समान देवियों की पूजा नहीं करते। वे विभिन्न देवियों की पूजा करते हैं। कुछ काली की उपासना करते हैं, कुछ पार्वती की और कुछ लक्ष्मी की।

अब देखें बहुदेववादियों को। वे समस्त भगवानों की पूजा करते हैं। वे विष्णु और शिव की पूजा करेंगे तो राम और कृष्ण की भी। वे काली, पार्वती और लक्ष्मी की