अठारहवीं पहेली: मनु का पागलपन या मिश्रित जातियों की उत्पत्ति की ब्राह्मणवादी व्यवस्था - Page 221

206 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

पतित जातियों में मनु ने उन्हें सम्मिलित किया है जिन क्षत्रियों ने आर्य अनुष्ठान त्याग दिए थे जो शूद्र बन गए थे और ब्राह्मण पुरोहित जिनके यहां नहीं आते थे। मनु ने इनका उल्लेख इस प्रकार किया हैः

  1. पौंड्रक, 2. चोल, 3. द्रविड़, 4. काम्बोज, 5. यवन, 6. शक, 7. पारद, 8. पल्लव, 9. चीन, 10 किरात, 11. दर्द।

संकर जातियां मनु के अनुसार वे हैं, जिनके माता-पिता का वर्ण भिन्न था।

इन संकर जातियों की भी कई श्रेणियां हैं। विभिन्न आर्यवर्णों की संतानों का भी विभाजन दो श्रेणियों में किया गया है, (क) अनुलोम, (ख) प्रतिलोम 2. अनुलोम और प्रतिलोम से उत्पन्न जातियां, 3. अनार्यों और आर्यों की अनुलाम और प्रतिलोम संतानों। मनु ने जिन जातियों को संकर जातियों की सूची में रखा है, उनकी विभिन्न श्रेणियां निम्न प्रकार से हैंः

मिश्रित आर्य जातियों की संतानें

पिता माता जाति का नाम अनुलोम अथवा

प्रतिलोम

ब्राह्मण क्षत्रिय ?

ब्राह्मण वैश्य अम्बष्ट अनुलोम

ब्राह्मण शूद्र निषाद (पाराशव) अनुलोम

क्षत्रिय ब्राह्मण सूत प्रतिलोम

क्षत्रिय वैश्य ?

क्षत्रिय शूद्र उग्र अनुलोम

वैश्य ब्राह्मण वैदेहक प्रतिलोम

वैश्य क्षत्रिय मागध प्रतिलोम

वैश्य शूद्र करण अनुलोम

शूद्र ब्राह्मण चाण्डाल प्रतिलोम

शूद्र क्षत्रिय क्षत्रिय प्रतिलोम

शूद्र वैश्य आरोगव प्रतिलोम