3. गुलाम-प्रथा और अस्पृश्यता - Page 35

20 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

गया था, जब श्वेत जाति के कोपरनिकस और गैलिलियो ने पृथ्वी को गोलाकार साबित कर दिया था। इसका ज्ञान एक अन्य श्वेत व्यक्ति कोलंबस को भी था, जिसने पश्चिम की ओर चलकर इस भूमि का पता लगाया। इसलिए एक श्वेत व्यक्ति ने ही इस महाद्वीप की खोज की। इस प्रकार आप उसी वर्ग के व्यक्तियों को रोजी-रोटी से वंचित कर रहे हैं, उनके परिवार का पेट काट रहे हैं। आप सौदेबाजी में भी उन्हें काम न देकर नीग्रो लोगों का पक्ष ले रहे हैं। 1858 में अटलांटा में श्वेत मिस्त्रियों और मजदूरों ने उस्तादों के अश्वेत गुलाम कारीगरों के खिलाफ याचिका दी, जो अलग कालोनी में रह रहे थे। उसके अगले वर्ष ही बहुत से श्वेत नागरिकों ने इस बात पर आपत्ति प्रकट की कि नगर परिषद ने उनकी कालोनी में एक नीग्रो दंत चिकित्सक को डाक्टर की इजाजत दे रखी है। ‘हमारे और समाज के साथ न्याय करने के लिए उस पर रोक लगाई जाए। हम अटलांटा के नागरिक आप से न्याय की गुहार करते हैं।’ जार्जिया के रिचमंड काउंटी में 1819 में स्वतंत्र नीग्रो वर्ग की जनगणना से पता चला है कि उनमें बढ़ई, नाई, बोटकोर्कर, जीनसाज, चर्खा कातने वाले, मिलराइट, होल्स्टर, जुलाहे, करघा बनाने वाले, आरा मशीन चलाने वाले और स्टीम बोट पायलेट थे। एक नीग्रो मोची ने अपने हाथ से जूते बनाए थे, जो राष्ट्रपति मुनरो ने अपना पद ग्रहण करते समय पहने थे। मोंटीसेलो में थामस जेफर्सन के घर पर जिस खूबसूरती से एक गुलाम ने टाइलें बिछाई थीं, उसे देख हैरियत मार्टीन्यू को दंग रह जाना पड़ा था। आज भी पुराने बाग में यह भवन मौजूद है, जिसमें इन नीग्रो कारीगरों का कमाल देखने को मिलता है। इन लोगों ने ओक वृक्षों के तनों को चीरकर उसे उन्हीं वृक्षों की लकड़ी के कीलों को जोड़-जोड़ कर तैयार किया था। कताई और बुनाई में प्रवीण नीग्रो स्त्रियां मिलों में कार्य करती थीं। बंकिघम ने 1839 में एथेंस और जार्जिया में देखा कि ये नीग्रो श्वेत लड़कियों के साथ कार्य कर रहे थे और उनमें श्वेत लड़कियों के प्रति तिरस्कार या आपत्ति की कोई भावना नहीं थी। दक्षिण के नीग्रो कारीगर चाहे वे गुलाम होते या मुक्त, सभी अपने उत्तरी क्षेत्र के भाइयों से बेहतर थे। फिल्डेल्फिया में 1856 में लोगों की चिढ़ के कारण 1,637 नीग्रो कारीगरों में से दो तिहाई से भी कम अपना धंधा कर पाते थे। उत्तर में आयरिश लोगों को जो 19वीं शताब्दी के शुरू से ही अमरीका में आने शुरू हो गए थे, उन्हीं सिद्धान्तों के आधार पर काम कर लिया जाने लगा, जो नीग्रो गुलामों पर लागू होते थे। उनके पक्ष में कहा गया था कि एक आयरिश कैथोलिक मुश्किल से ही अपनी स्थिति को सुधार पाता है, जब कि इस बारे