5. मनुष्यों में रहने के अयोग्य - Page 62

मनुष्यों में रहने के अयोग्य 47

खेड़ा के गांवों में ऐसी घटनाएं प्रायः होती रहती हैं और जिलाधीश ने सभी पुलिस अधिकारियों और अन्य अधिकारियों को हिदायतें दी हैं कि हरिजनों का उत्पीड़न करने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी।’’

इन उदाहरणों से जो बात सामने आती है, वह साफ और सीधी है। कुछ और कहने की जरूरत नहीं। अस्पृश्य के पास आना भी आम हिंदू के लिए गवारा नहीं। उससे छूत लग जाती है। वह इंसान नहीं है। उसे दूर रखना चाहिए।

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