ANNEXURE II 1337
इस प्रस्तुत कोड में सगोत्र विवाह का प्रतिपादन किया गया है यह कह कर हिन्दू जनता को इसके विरफ़द्ध प्राय: भड़काया जाता है, किंतु इस में कोई ऐसी धारा नहीं है जहां सगोत्र विवाह का प्रतिपादन या समर्थन हो। केवल एक धारा स- 27 है जिसका शीर्षक "पहले विवाहों के विषय में छूट" यह है, जिस में कहा गया है कि "ऐसा विवाह जो कि इस कोड के आरम्भ होने से पहले दो हिन्दू में सम्पूर्ण हो चुका है और जो कि किसी दूसरे तौर पर जायज वा वैध है वह नाजायज नहीं होगा और कभी भी केवल इस हेतु तथा हकीकत पर नाजायज या अवैध न हों विचारा जायेगा कि दोनों पक्ष समान गोत्र अथवा समान प्रवर रखते थे अथवा भिन्न जाति अथवा समान जाति में से विभक्त उपजाति से सम्बन्ध रखते थे।
यह धारा इस कोड के प्रारम्भ से पूर्व सम्पन्न विवाहों के विषय में है। कहां तो एक ओर हिन्दू कोड बिल के विरोधी सनातन धर्म के नाम पर विवाह सम्बन्ध की अच्छेद्यता की दुहाई देते हैं और कहां वे ऐसी धारा का विरोध व खण्डन करते हैं जिस में केवल सगोत्रता वा जाति-भिन्नता के आधार पर पूर्व सम्पन्न विवाहों को अवैध मानने से इन्कार किया गया है यह परस्पर-विरुद्धता आश्चर्यजनक है।
हम स्वभावत: यह चाहते हैं कि सब लोग शास्त्रीय विवाह ही करें और इसी के लिए हम सब को उसका महत्त्व बुद्धिपूर्वक समझा कर प्रेरित करना चाहिए कितु जो ऐसा किसी कारणवश नही करना चाहते उनके लिए सिविल विवाह की पूर्वोद्धृत शर्तों के अनुसार ही व्यवस्था की गई है केवल इतनी शर्त उसमें और जोड़ी गई है कि ‘विवाह के दोनों पक्षों में यदि वर अथवा वधू आयु के 21 वर्ष पूरे नहीं कर चुके तो ऐसी स्थिति में इस विवाह की स्वीकृति प्राप्त कर ली गई हो’ सिविल विवाह का भी यह अर्थ इस कोड के अनुसार नहीं है कि उसमें कोई धार्मिक विधि व क्रिया न हो। धारा 18 खंड 2 में स्पष्ट लिखा है कि विवाह किसी भी रीति अनुसार सम्पूर्ण हो सकेगा कितु शर्त यह है कि यह विवाह तब तक पूर्ण और पक्षों को कानूनी बन्धन में जकड़ने वाला नहीं होगा जब तक कि प्रत्येक पक्ष रजिस्ट्रार और 3 साक्षियों के सम्मुख ऐसा नहीं कहता कि मैं मुझको अपनी कानूनसंगत पत्नी (अथवा पति) बनने के लिए ग्रहण करता (या करती) हूँ।
वस्तुत: विवाह मन्त्रें में यह भाव स्पष्टतया समाविष्ट है। एक मुख्य बात यह है कि अब सिविल विवाह के लिए पूर्ववत् यह कहने की आवश्यकता न होगी कि मैं हिन्दू धर्म या अन्य किसी स्वीकृत धर्म को मानने वाला नहीं।
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