Hindu Code Bill and its purpose—By Dharmadeo Vidyavachaspati in Hindi - Page 568

ANNEXURE II 1345

(हिन्दू कोड बिल पर विचार-5)

दत्तक विधान और संरक्षकता

पं- धर्मदेव विद्यावाचस्पति
हिन्दू कोड बिल के तृतीय भाग में दत्तक विधान अथवा गोद लेने विषयक नियम हैं और चतुर्थ भाग में अल्पवयस्कता (नाबालिगपन) और संरक्षकतादि विषयक। इन दोनों भागों में वर्णित मुख्य-मुख्य धाराओं पर मैं इस लेख में संक्षिप्त विचार करूंगा।
अभी तक हिन्दुओं में गोद लेने विषयक भिन्न-भिन्न प्रकार रहे हैं। भाग 3 में उन्हें एकरूपता देने का यत्न किया गया है जो प्रशंसनीय है।
‘गोद लेने के विषय में योग्यता’ शीर्षक की धारा 54 में कहा गया है कि कोई भी ऐसा कि हिन्दू पुरुष जिसके होश व हवास (स्वस्थ मानसिक अवस्था) कायम है । और अपनी आयु के 18 वर्ष पूरे कर चुका है, वह पुत्र गोद (दत्तक) लेने की योग्यता रखता है।
किन्तु शर्त यह है कि कोई भी हिन्दू पुरुष अपनी पत्नी की अनुमति ग्रहण किये बिना गोद नहीं लेगा। मेरी सम्मति में दत्तक पुत्र लेने के लिए 18 वर्ष की आयु सर्वथा अपर्याप्त है। कम से कम 25 वर्ष की आयु का नियम रखना चाहिये। जैसा कि मैं इस लेखमाला के प्रथम लेख में बता चुका हूं इस कोड बिल के बनाने वालों ने हिन्दुत्व की रक्षा का ध्यान रखते हुए धारा 62 के अंश (3) में माता को दत्तक लेने का अधिकार दिया है, यदि बच्चे के पिता ने हिन्दू-धर्म को त्याग दिया हो।
यदि विधवा ने हिन्दू धर्म त्याग दिया हो तो धारा 61 के अंश (3) में उसके गोद लेने के अधिकार को समाप्त माना गया है। कोई भी हिन्दू धर्म प्रेमी इस भावना का अभिनन्दन किये बिना नहीं रह सकता।
‘गोद लिये जाने की योग्यता’ विषयक धारा 63 में बताया गया है कि कोई भी व्यक्ति तब तक गोद लिये जाने योग्य क्षमता नहीं रखेगा जब तक कि निम्नलिखित शर्तों के सम्बन्ध में तसल्ली नहीं हो जाती :
(û) वह हिंदू है।
(ü) वह विवाहित नहीं है।
(ý) वह पहले से ही गोद नहीं लिया जा चुका है।
(þ) वह अपनी आयु के 15 वर्ष पूरे नहीं कर चुका है।
इनमें कोई ऐसी बात नहीं है जिस पर आक्षेप किया जा सके। एक महत्त्वपूर्ण बात यह है कि गोद लेने के विषय में वर्तमान हिदू विधान (कानून) में विद्यमान जाति विषयक प्रतिबन्ध को हटा दिया गया है। वर्तमान कानून के अनुसार केवल उसी बालक को दत्तक के रूप में लिया जा सकता है जो गोद लेने वाले की अपनी जाति का हो । अब जाति-उपजातियों के प्रतिबंध को हटा दिया गया है। कितु इतना ही प्रतिबंध रखा गया