1354 DR. BABASAHEB AMBEDKAR : WRITINGS AND SPEECHES
कि पति की चल सम्पत्ति में शिक्षित विधवाओं का पूर्णाधिकार हो वर्तमान परिस्थिति को दृष्टि में रखते हुए अधिक उपयुक्त प्रतीत होता है। आजकल जब कि नैतिक मर्यादा शिथिल हो रही है और धूर्त वंचकों का जाल सर्वत्र फैला हुआ प्रतीत होता है, क्या यह अच्छा न होगा कि इस विषय में अधिक सावधानी से काम लिया जाए? कुछ घरों तक उपर्युक्त प्रस्ताव के अनुसार बने कानून का परिणाम देखने के पश्चात् इस में आवश्यक परिवर्तन किया जा सकता है। इस विषय में अत्यधिक शीघ्रता की अवश्यकता नहीं। आशा है विचारशील समाजहितैषी इस विषय पर गम्भीरता से विचार करेंगे।
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