भाषावार राज्यों के संबंध में विचार
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भाग I
आयोग का कार्य
अधयाय 1
भाषावाद ही मूल समस्या
भारत के वर्तमान संविधान में निम्नलिखित राज्यों को मान्यता प्रदान की गई है, जिन्हें अनुसूची में दर्शाया गया है :
| kkx ^d^ d | s jkT; Hkkx ^[k | Col3 | ^ d | s jkT; Hkkx ^x | ^ d | s jkT; |
|---|---|---|---|---|---|---|
- आंध्र 1. हैदराबाद 1. अजमेर
- असम 2. जम्मू व कश्मीर 2. भोपाल
- बिहार 3. मध्य भारत 3. कुर्ग
- बंबई 4. मैसूर 4. दिल्ली
- मध्य प्रदेश 5. पटियाला 5. हिमाचल प्रदेश
- मद्रास 6. राजस्थान 6. कच्छ
- उड़ीसा 7. सौराष्ट्र 7. मणिपुर
- पंजाब 8. त्रावणकोर - कोचीन 8. त्रिपुरा
- उत्तर प्रदेश 9. विंध्य प्रदेश
संविधान के अनुच्छेद 3 के द्वारा संसद को नए राज्यों के गठन की शक्ति प्रदान की गई है। यह इसलिए किया गया है कि भाषायी आधार पर राज्यों के पुनर्गठन के लिए जो भारी मांग की जा रही थी, उसके लिए समय नहीं था।
लगातार की जा रही इस मांग के अनुसार प्रधानमंत्री ने इस प्रश्न की जांच के लिए राज्य पुनर्गठन आयोग की नियुक्ति की। राज्य पुनर्गठन आयोग ने अपनी रिपोर्ट में निम्नलिखित राज्यों के गठन की सिफारिश की :