5. भाषावार राज्यों के संबंध में विचार - Page 200

भाषावार राज्यों के संबंध में विचार

5) तीनों महाराष्ट्रों के क्षेत्रफल और जनसंख्या का विभाजन नीचे दर्शाया गया है :

तीनों महाराष्ट्र राज्यों की जनसंख्या, क्षेत्रफल और राजस्व लगभग निम्नानुसार होगा

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राज्य का नाम­ कुल जनसंख्या कुल क्षेत्रफल कुल कुल खर्च

(करोड़ों में)­ (वर्ग मीलों में)­ राजस्व­

पश्चिमी महाराष्ट्र­ 1,26,77,316­ 30,028­ 26,24,20,441 अज्ञात­

मध्य महाराष्ट्र­ 1,24,09,044 55,482­ 21,63,80,095 अज्ञात­

पूर्वी महाराष्ट्र­ 80,27,130­ 39,004­ 09,41,11,012 अज्ञात­

योग­ 3,31,13,490­ 1,24,514­ 57,29,11,548­

]31]1 3]49
57]29]11] 548

योग­

1,24,514­

अब मैं अपनी योजना के समर्थन में कारण बताना चाहता हूं। मैं पहले कह चुका हूं कि महाराष्ट्र हमेशा से तीन भागों में बंटा रहा है। यह एक ऐतिहासिक तर्क है। इससे कम से कम यह पता चलता है कि जिसे संयुक्त महाराष्ट्र कहा जाता है, उसकी परंपरा, रहन - सहन और सामाजिक तथा आर्थिक स्थिति समान नहीं है। जिन लोगों को संयुक्त महाराष्ट्र लेने की जल्दी है, वे शायद इस पर गंभीरता से विचार न करें। लेकिन वर्तमान स्थिति से उभरने वाले कुछ अन्य तर्क भी हैं, जिनकी अनदेखी नहीं की जा सकती। मैं उनमें से कुछ की ओर संकेत करता हूं।

मेरा पहला तर्क यह है कि एक अकेली सरकार संयुक्त महाराष्ट्र जैसे विशाल राज्य पर शासन नहीं कर सकती।

मराठी - भाषी क्षेत्र की कुल जनसंख्या 3,30,83,490 है। कुछ क्षेत्र जिसमें मराठी - भाषी जनता आबाद है 1,74,514 वर्गमील है। यह इतना विशाल क्षेत्र है कि किसी भी एक राज्य के लिए इस पर सफलतापूर्वक शासन करना असंभव है। जो महाराष्ट्रीय संयुक्त महाराष्ट्र की बात करते हैं, उन्हें अपने महाराष्ट्र के क्षेत्रफल और जनसंख्या की विशालता का अनुमान ही नहीं है। लेकिन एकमात्र महाराष्ट्रीय राज्य ही क्यों? यह बात मेरी समझ से बाहर है। पृथक महाराष्ट्र राज्य की मांग करना एक बात है, लेकिन एकमात्र महाराष्ट्र राज्य सर्वथा भिन्न बात है। मैं ऐसे पृथक महाराष्ट्र के पक्ष में हूं, जो गुजरातियों से भी अलग हो और हिन्दी - भाषी लोगों से भी अलग हो। लेकिन मेरी समझ में यह नहीं आता कि स्वतंत्र महाराष्ट्र का एक ही राज्य क्यों बनाया जाए। महाराष्ट्रीयों का उत्तर प्रदेश पर आक्रमण करने का तो कोई इरादा है नहीं और इसलिए उनका कोई संयुक्त मोर्चा हो यह भी जरूरी नहीं।

मराठों के दृष्टिकोण से भी इस प्रकार का समेकन क्यों हो? सतारा के मराठे का औरंगाबाद के मराठे से क्या संबंध? नासिक के मराठे से रत्नागिरी के मराठे का क्या लगाव? सतारावासी मराठा औरंगाबाद के मराठा की समस्याओं से क्या हमदर्दी या लगाव रख सकता है? इसी प्रकार नासिक में रहने वाले मराठों को रत्नागिरी के मराठों की समस्याओं