132 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
पंजाब
पंजाब सरकार की रायः
पंजाब सरकार की राय है कि पट्टेदार को मताधिकार देने से दलित वर्ग के
काफी लोगों को मताधिकार मिल जाएगा और उस इद तक कौंसिल के लिए
प्रतिनिधि चुनने में उनका प्रभाव बढ़ जाएगा। ख्1,
जहां तक दलित वर्गों का संबंध है, पंजाब सरकार को ऐसा कोई कारण
नहीं दीख्ता कि वह अपने उस दृष्टिकोण से विमुख हो जाए, जिसे वह ज्ञापन
के पैरा 2.5 में व्यक्त कर चुकी है। इस ज्ञापन में भारतीय सांविधिक आयोग
की सिफारिशों के बारे में पंजाब सरकार से सरकारी सदस्यों के ये विचार हैं कि
पंजाब के रूप में कुछ प्रतिनिधित्व प्राप्त हो जाएगा। ख्2,
पंजाब प्रांत की मताधिकार कमेटी की रायः
के.बी. दीन मुहम्मद तथा श्री हंसराज (जो कमेटी में अस्पृश्यों के प्रतिनिधि
थे) की राय है कि जहां मुसलमानों में कोई दलित वर्ग नहीं है, वहां हिंदुओं तथा
सिक्खों में दलित वर्ग हैं। .... उनकी कुल संख्या 1,310,709 है। श्री हंसराज का
विचार है कि यह सूची अधूरी है।
उनकी राय है कि दलित वर्गों को एक अलग समुदाय मानकर उनके लिए
पृथक प्रतिनिधित्व की व्यवस्था की जाए। श्री नाजिर हुसैन, राय बहादुर चौधरी,
श्री छोटू राम, श्री ओम राबर्ट्स, के.बी. मुहम्मद हयात, श्री कुरेशी, श्री चटर्जी,
सरदार भूटा सिंह और पंडित नानक चंद की राय है कि यह कहना असंभव है
कि पंजाब में इस अर्थ में कोई दलित वर्ग है कि अपने धर्म के कारण किसी
व्यक्ति के नागरिक अधिकार का हनन होता है। अध्यक्ष पंडित नानक चंद तथा
सरदार भूटा सिंह की राय है कि जिस अर्थ में दक्षिण भारत में दलित वर्ग
विद्यमान है, उस अर्थ में वे पंजाब में नहीं है। जहां गांवों में कुछ ऐसे वर्ग हैं
जिनकी आर्थिक तथा सामाजिक स्थिति निश्चय ही अति दीन व हीन है, वहां
यह संभव नहीं है कि जिस हिंदू चर्मकार या चमार को दलित वर्ग कहा जाता
है, उसका विभेद उस मुसलमान चर्मकार या मोची से किया जाए, जिसके बारे
में कोई नहीं कहता कि वह अलग वर्ग का है। ख्3,
अतः इससे स्पष्ट हो जाता है कि पंजाब प्रांत की सरकार इस प्रश्न का उत्तर
भारतीय मताधिकार कमेटी को दिया गया पंजाब सरकार का ज्ञापन, आई.एफ.सी., खंड 3
पंजाब सरकार का अनुपूरक ज्ञापन, आई.एफ.सी., खंड 3, पृ. 29
पंजाब प्रांत की मताधिकार कमेटी का ज्ञापन, आई.एफ.सी., खंड 3, पृ. 35