राजनीतिक - Page 201

स्पृश्यों तथा अस्पृश्यों के बीच एकता कानून के बल पर नहीं लाई जा सकती। ... केवल प्रेम ही उन्हें एकता के सूत्र में पिरो सकता है।

µ भीमराव अम्बेडकर